अमृतसर में करीब 600 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया BRTS प्रोजेक्ट अब अपने मौजूदा स्वरूप में खत्म होने जा रहा है। सड़कों के बीच बनाए गए BRTS कॉरिडोर को डिस्मेंटल किया जाएगा। इसके साथ ही कॉरिडोर के प्लेटफॉर्म और रेलिंग भी हटाई जाएंगी। सरकार का कहना है कि कॉरिडोर हटने के बाद सड़कों पर ट्रैफिक के लिए ज्यादा जगह मिलेगी और आवाजाही को बेहतर बनाया जा सकेगा। अमृतसर में BRTS प्रोजेक्ट का पहला चरण 15 दिसंबर, 2016 को शुरू हुआ था। इसका उद्घाटन उस समय के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने किया था। बाद में कांग्रेस सरकार के दौरान भी इसे दोबारा प्रभावी बनाने के लिए कई प्रयास किए गए। छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा समेत कई योजनाएं लागू की गईं, लेकिन BRTS लोगों के बीच उम्मीद के मुताबिक लोकप्रिय नहीं हो सका। BRTS का मूल कॉन्सेप्ट ही उपयुक्त नहीं: डॉ. निज्जर डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि BRTS का मूल कॉन्सेप्ट ही अमृतसर जैसे शहर के लिए उपयुक्त नहीं था। सड़क के बीच बने कॉरिडोर के कारण यात्रियों को बस स्टेशन तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने में परेशानी होती थी। वहीं, कई स्टेशनों के बीच ज्यादा दूरी होने के कारण लोग बस की बजाय ऑटो और थ्री-व्हीलर को प्राथमिकता देते थे। हर महीने 2 करोड़ का घाटा डॉ. निज्जर के मुताबिक, BRTS की राइडरशिप एक समय रोजाना करीब 60 हजार तक पहुंची, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट को चलाने में हर महीने लगभग 2 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। ऐसे में इसे इसी मॉडल पर चलाना व्यावहारिक नहीं था। नवंबर तक चलेंगी 100 इलेक्ट्रिक बसें सरकार करीब 100 इलेक्ट्रिक बसें सामान्य रूटों पर चलाने की तैयारी कर रही है। ये बसें नवंबर तक सड़कों पर उतर सकती हैं। बसों के लिए वेरका में मौजूदा पार्किंग सुविधा के अलावा माल मंडी में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग और चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि BRTS कॉरिडोर करीब 30 फीट सड़क की जगह घेरता है। इसे हटाने से सड़कें ज्यादा खुली होंगी और ट्रैफिक को भी राहत मिलने की उम्मीद है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा में पहले के मुकाबले ज्यादा स्टॉपेज बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी तक पैदल न जाना पड़े। सामान्य रूटों पर चलेगी नई इलेक्ट्रिक बस सेवा सरकार का कहना है कि BRTS बस सेवा पूरी तरह बंद नहीं होगी, बल्कि इसका मॉडल बदला जा रहा है। अब बसें अलग कॉरिडोर की बजाय सामान्य सड़कों पर चलेंगी और ज्यादा स्टॉपेज के जरिए लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
अमृतसर में ₹600 करोड़ का BRTS कॉरिडोर हटेगा:ट्रैफिक के लिए ज्यादा जगह मिलेगी; नवंबर तक 100 इलेक्ट्रिक बसें सामान्य रूटों पर चलेंगी