संगरूर में तूर बंजारा के जिस मजदूर गुलजार सिंह ने मंत्री का नाम लेकर सुसाइड किया, उसके बेटे ने नशे के लिए घर का सामान व बर्तन तक बेच दिया। बेटे के नशेड़ी होने से पूरा परिवार बेहद दुखी था। अपने इसी दुख का अंत ढूंढने के लिए किसान गुलजार वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के कार्यक्रम में पहुंचा। कार्यक्रम में युद्ध नशा के विरुद्ध के विरुद्ध की बात चल रही थी तो गुलजार ने कहा कि नशा नहीं रुक रहा। बेटा नशा कर रहा है और उसे गांव में ही नशा मिल जाता है। बस इस बात से सरपंच नाराज हो गया। परिवार का आरोप है कि गुलजार सिंह को माफी मांगने के लिए प्रेशर डाला गया, लेकिन उसने माफी नहीं मांगी। इसके बाद पुलिस के जरिए प्रेशर डाला गया। इससे परेशान आकर उसने 7 सितंबर को सल्फास निगल दिया। इसके बाद वीडियो में अपनी मौत के लिए मंत्री चीमा, गांव के सरपंच समेत कुल छह लोगों को जिम्मेदार बताया। परिवार उसे पहले संगरूर के सिविल अस्पताल ले गया। वहां से उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर किया गया। वेंटिलेटर उपलब्ध न होने के कारण उसे लुधियाना के डीएमसी में भेजा गया, जहां सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई। वहीं मंगलवार को उसके संस्कार को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ। कौन था गुलजार सिंह और सुसाइड करने की कहानी… गुलजार के बेटे ने कहा पिता को धमकियां दी
छोटे बेटे लखविंदर ने कहा कि हमारे गांव में चीमा आया था। वहां पर मेरे पिता ने कहा था कि गांव में सरेआम चिट्टा बिक रहा है। इस बात से सरपंच व मेंबर भड़क गए और उन्होंने कहा कि चीमा के सामने ये बात क्यों की। उन्होंने हमें धमकियां दी हैं। उसके बाद मेरे पिता ने सल्फास पी लिया। इन 5 लोगों पर दर्ज हुई FIR
पुलिस ने परिवार के बयानों पर बलजीत सिंह उर्फ राज, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा, विक्की सिंह, गोना सिंह और बलजिंदर कौर पर मामला दर्ज कर दिया है। अब जानिए किस पार्टी ने क्या कहा… कांग्रेस ने कहा- सवाल पूछने का अंजाम ये है क्या
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब सरकार खुद को आम लोगों की सरकार कहती थी और अब हालात ये हैं कि उनसे आम आदमी सवाल पूछता है तो उसे इतना परेशान किया जाता है कि वो आत्महत्या करने को मजबूर हो जाता है। क्या पंजाब में सवाल पूछने का अंजाम यही है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा पर भी FIR दर्ज होनी चाहिए। भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
पंजाब BJP की प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन, चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें CBI जांच की मांग की है। केवल ढिल्लों ने कहा कि चीमा को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। सुखबीर बोले- चीमा पर हो एफआईआर दर्ज
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि गुलजार सिंह ने मौत से पहले वीडियो में अपनी मौत के लिए चीमा, सरपंच व अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।इस मामले में दर्ज एफआईआर में मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम भी शामिल होना चाहिए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए। उ AAP का विरोधियों पर पलटवार
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि विपक्ष मौत पर भी राजनीति कर रहा है। कैप्टन की सरकार के समय एक परौंठे वाले ने आत्महत्या कर दी थी कोई एफआईआर नहीं हुई। 750 से ज्यादा किसानों की मौत हुई किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं आप के अन्य नेताओं का कहना है कि मंत्री का नाम जबरदस्ती बुलवाया गया। ———— ये खबर भी पढ़ें… मंत्री से सवाल पर सुसाइड, अंतिम संस्कार में हंगामा, ग्रामीणों ने चिता की लकड़ियां फेंकी; सरकारी नौकरी-मुआवजे पर राजी हुआ परिवार संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल चीमा से नशे की सरेआम बिक्री का सवाल पूछने के बाद सुसाइड करने वाले व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने श्मशान में अंतिम संस्कार रुकवा दिया। वहां सजाई चिता की लकड़ियां उठाकर फेंक दी। हालांकि बाद में प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बन गई। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब- मंत्री से सवाल को क्यों मजबूर हुआ गुलजार:बेटे ने नशे के लिए बकरियां-बर्तन बेचे, झगड़े करने लगा; दबाव में आकर किया सुसाइड