पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बकाए मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अदालत कानून के शासन के अनुसार चलेगी। किसी भी तरह की रणनीति से इस संस्था को दबाव में नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह कानून के अनुसार चलेंगे। हमने संविधान की शपथ ली है और हमें पता है कि इसकी रक्षा कैसे करनी है। कर्मचारियों ने कुछ दिन पहले नई याचिका दायर कर आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद पंजाब सरकार ने अभी तक डीए का बकाया जारी नहीं किया है। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि सरकार ने अदालत के निर्देशों के अनुसार अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की। हालांकि, 3 दिन पहले सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती 85 हजार कर्मचारियों को 60 फीसदी DA देने का ऐलान किया था। पंजाब के DA विवाद में अब तक क्या क्या हुआ… ———— ये खबर भी पढ़ें…. पंजाब-चंडीगढ़ में कल मिनिस्टीरियल स्टाफ की छुट्टी, क्लेरिकल काम काज ठप रहेंगे, मोहनजीत पर हुए हमले के खिलाफ करेंगे भूख हड़ताल पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच चल रही तनातनी बढ़ती जा रही है। साझा मुलाजिम मंच ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। मंच के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैहरा ने कहा कि मंगलवार को मिनिस्टीरियल स्टाफ सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल पर रहेगा। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब- मुलाजिमों के बकाया DA पर हाईकोर्ट सख्त:चीफ जस्टिस बोले- कोर्ट कानून के मुताबिक चलेगी, किसी दबाव या रणनीति से संस्था को नहीं झुकाया जा सकता