पंजाब के जालंधर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत रिपोर्ट हुई है। हालांकि MS डॉक्टर नमिता घई का कहना है कि मौत की वजह क्लीयर नहीं हो पाई है क्योंकि मरीज पहले भी कई बीमारियों से ग्रसित था। इतना जरूर है कि उसका स्वाइन फ्लू टेस्ट पॉजिटिव आया था। मरीज की पहचान जमशेर खास के रहने वाले मूल राज (85) के रूप में हुई है। 4 अगस्त की शाम को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। हेल्थ डिपार्टमेंट का कहना है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है। विभाग के अनुसार, फाइनल रिजल्ट हेल्थ ऑडिट के बाद ही सामने आएगा। बता दें कि राज्य में अब तक 220 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक मामले लुधियाना और एसएएस नगर (मोहाली) में सामने आए हैं। अगस्त से मामलों में तेजी देखी जा रही है, जिसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए हैं। सांस लेने में दिक्कत के चलते करवाया था दाखिल
जालंधर के जमशेर खास के ताजपुर निवासी मूल राज को सांस लेने में तकलीफ के बाद सिविल अस्पताल जालंधर में भर्ती कराया गया था। उन्हें पहले से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) की समस्या थी। सेहत विभाग के अनुसार मूल राज का 2 सितंबर को GMC अमृतसर में H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज पहले से COPD समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे और उनकी इम्युनिटी कमजोर थी। ऐसे में केवल H1N1 संक्रमण को ही मौत का कारण मानना फिलहाल ठीक नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग ने कहा-मौत का कारण ऑडिट के बाद होगा क्लीयर
सिविल अस्पताल जालंधर की एमएस नमिता घई ने बताया कि मरीज इम्यूनो-कम्प्रोमाइज्ड थे और उन्हें पहले से कई तकलीफें थीं। इसलिए उनकी मौत H1N1 से हुई है या किसी अन्य बीमारी से, इसका पता हेल्थ ऑडिट के बाद ही चल पाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने भी शुक्रवार को कहा कि H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि 2026 में सामने आया स्ट्रेन अभी तक नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है। मंत्री के मुताबिक, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की मौत की वजह स्वाइन फ्लू से होने की संभावना कम है। पंजाब में 220 पॉजिटिव मामले, लुधियाना सबसे आगे स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मरीजों की स्वाइन फ्लू के लिए जांच की गई है। इनमें से 220 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अकेले शुक्रवार को 14 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। अगस्त में अचानक से बढ़े मामले
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पंजाब में स्वाइन फ्लू के मामलों में हालिया बढ़ोतरी अगस्त से देखने को मिल रही है। मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया है। सूबे के विभिन्न हिस्सों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ी, घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, फिलहाल इस साल सामने आए H1N1 स्ट्रेन में किसी नए या म्यूटेटेड स्वरूप की पुष्टि नहीं हुई है। जालंधर में हुई मौत को भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी संदिग्ध स्वाइन फ्लू डेथ के तौर पर दर्ज किया है। ऐसे में राज्य में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
पंजाब में स्वाइन फ्लू से पहली संदिग्ध मौत:जालंधर सिविल में एडमिट था मरीज, H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया; डॉक्टर बोले-वजह क्लीयर नहीं
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