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फरीदकोट में किसान आंदोलन 23 सितंबर तक स्थगित:दिनभर गतिरोध के बाद सरकार से बैठक पर सहमति; डल्लेवाल बोले-मांगें पूरी करवा दम लेंगे

फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की प्रस्तावित किसान महापंचायत को लेकर बुधवार को पुलिस और किसानों के बीच दिनभर खींचतान की स्थिति रही। सुबह किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, बाद में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल समर्थकों के साथ बाहर निकलने में सफल रहे और किसानों का काफिला फरीदकोट की ओर रवाना हो गया। कई जगह पुलिस द्वारा रोकने के प्रयास के बावजूद किसान फिरोजपुर रोड तक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से किसानों को उनकी मांगों पर पंजाब सरकार के साथ जल्द बैठक करवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद संगठन ने फिलहाल आंदोलन को 23 सितंबर तक स्थगित करने का फैसला किया। शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन में हुए नुकसान का मांगा मुआवजा किसान नेताओं ने यह भी कहा कि इस अवधि में सरकार के साथ बातचीत के जरिए मांगों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। किसान संगठन लंबे समय से लैंड मॉर्गेज बैंकों में कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू करने, किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने और शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए संघर्ष कर रहा है। 12 जिलों में लैंड मॉर्गेज बैंकों के बाहर लग रहे धरने इन मांगों को लेकर फरीदकोट समेत प्रदेश के 12 जिलों में लैंड मॉर्गेज बैंकों के बाहर धरने भी लगाए जा रहे हैं और जेल भरो आंदोलन भी चल रहा था व बुधवार को किसान महापंचायत का कार्यक्रम तय किया गया था जिसे रोकने के लिए पुलिस ने बुधवार सुबह कई किसान नेताओं के घरों पर दबिश दी और डल्लेवाल समेत कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। बाद में डल्लेवाल समर्थकों के साथ बाहर निकले और किसानों का जत्था फरीदकोट की तरफ बढ़ा। प्रशासन के साथ बनी सहमति प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद संगठन ने आंदोलन को 23 सितंबर तक रोकने का निर्णय लिया। इस मामले में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आश्वासन के अनुसार बैठक कर किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया तो संगठन दोबारा आंदोलन तेज करेगा और वह अपने साथियों के साथ भूख हड़ताल और मरणव्रत करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।।