पंजाबी के लेखक कुलवंत सिंह खोखर की पुस्तक ‘गुरु नानक निवाजिया बटाला’ में विवाह समागम मनाने का जिक्र
बाबा नानक दा ब्याह:सबसे पहला बारात रूपी नगर कीर्तन 1917 में अमृतसर से बटाला तक रेल से पहुंचा था
{$excerpt:n}
पंजाबी के लेखक कुलवंत सिंह खोखर की पुस्तक ‘गुरु नानक निवाजिया बटाला’ में विवाह समागम मनाने का जिक्र
बाबा नानक दा ब्याह:सबसे पहला बारात रूपी नगर कीर्तन 1917 में अमृतसर से बटाला तक रेल से पहुंचा था
{$excerpt:n}