Chandigarh Daily 32°C Clear AQI 100 Nifty 23,414.70 -0.07% Sensex 74,768.98 +0.01% Bank Nifty 56,427.75 +0.24% USD-INR 95.26 +0.13% Gold ₹/10g ₹136,635 +0.02% Silver ₹/kg ₹209,083 -0.55% Crude \$ 96.05 +0.00% Bangladesh Women v India WomenISTLive

बिजली बिल की शिकायतों पर एक्शन मोड में प्रशासक:चंडीगढ़ में जल्द होगी मीटिंग; कमेटी बनी, मंजूरी के बिना नहीं बढ़ेंगी दरें

चंडीगढ़ में बिजली बिल की शिकायतों को लेकर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया एक्शन मोड में आ गए हैं। वह जल्द ही इस मामले में मीटिंग करने जा रहे हैं। यह बात उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मीडिया से कही। वहीं, उन्होंने कहा कि बिजली बिल की दरें बढ़ाने के लिए बाकायदा एक कमेटी बनी हुई है। कमेटी तय करेगी, तभी बिल की दरें बढ़ाई जा सकती हैं। प्रशासक ने सोमवार को बताया कि कंपनी के साथ बिजली वितरण को लेकर एमओयू हुआ है। हालांकि मैंने महसूस किया है कि बिजली बिल को लेकर शिकायतें आ रही हैं। हम इनके साथ बैठकर चर्चा करेंगे। जल्द ही मीटिंग कर शिकायतों का निपटारा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज चाहे अस्पताल हो या पढ़ाई, हर चीज के लिए बिजली जरूरी है। आजकल व्यक्ति किसी और चीज के रुकने से रुक सकता है, लेकिन अगर बिजली की सप्लाई रुक जाती है तो काफी दिक्कत होती है। उम्मीद है कि बिजली व्यवस्था में और सुधार होगा। प्रोजेक्ट को लेकर डर हमारे मन में भी था प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ देश का पहला शहर है, जहां बिजली वितरण का काम प्राइवेट सेक्टर को दिया गया था। जब हमने यह काम उन्हें सौंपा था तो हमारे मन में भी डर था। जनता के मन में भी अविश्वास था। मुलाजिम तो नाराज थे। उन्हें समझाया गया कि आपको किसी तरह की हानि नहीं होगी। इसके बाद फरवरी 2025 में हमने प्रोजेक्ट शुरू किया। हिंदुस्तान में पहला प्रयोग हम ही कर रहे अब तक बिजली वितरण को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं आई। कभी-कभी कुछ शिकायतें जरूर आई हैं। देश के प्रधानमंत्री ने यह प्रोजेक्ट हमें दिया था। हमने इन्हें (कंपनी को) कहा था कि अगर आप असफल हो जाएंगे तो पावर जेनरेशन भी असफल हो जाएगा। हिंदुस्तान में यह पहला प्रयोग हम ही कर रहे हैं। पीयू जैसे हादसे अब नहीं होंगे उन्होंने कहा कि जब ऊपर तार चलते हैं तो कई तरह के फॉल्ट आ सकते हैं। बिजली जाने और उसे रिस्टोर करने में समय लगता है। अब लाइन को अंडरग्राउंड किया जा रहा है। चार लाइनों से अपने सेंटर को जोड़ दिया गया है। मान लीजिए किसी एक लाइन में फॉल्ट आ जाए तो कम से कम असर पड़ेगा। तारें बाहर रहने की वजह से नुकसान भी होते हैं। लाइन को 12 करोड़ रुपए खर्च कर बदलना है कुछ समय पहले पंजाब यूनिवर्सिटी में एक बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई थी। कंपनी ने 18 किलोमीटर की लाइन को 12 करोड़ रुपए खर्च कर बदलना है। उम्मीद है कि इससे बिजली व्यवस्था में और सुधार होगा।

Editorial Attribution: Originally reported by पंजाब | दैनिक भास्कर. Curated and contextualized by the Chandigarh Daily news desk.