संगरूर जिले के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाने वाले सिख युवक मोहनजीत सिंह सिद्धू के आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ जहां पुलिस मोहनजीत के खिलाफ पहले से 8 मामले दर्ज होने का हवाला देकर उसे आदतन अपराधी बता रही है तो दूसरी तरफ विरोधी पार्टियों के नेता अस्पताल में मिलने पहुंच रहे हैं और सरकार को घेर रहे हैं। 2 सितंबर को हुए इस पूरे मामले पर विरोधी दलों कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल की लीडरशिप सरकार पर सवाल खड़े कर रही है। बताया जा रहा है कि राज्य में फैल रहे नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले सिख युवक मोहनजीत सिंह सिद्धू को पुलिस ने टार्चर किया। पुलिस हिरासत में उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं और डीएसपी ने खुद उसे बिजली के झटके दिए। शुक्रवार को शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल, कांग्रेसी नेता सुखपाल खेहरा और प्रताप सिंह बाजवा मोहनजीत से मिलने अस्पताल में पहुंचे। पहले जानिए पूरा मामला…
2 सितंबर को संगरूर के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान का लोक मिलनी कार्यक्रम था। इस दौरान गांव के ही मोहनजीत सिंह सिद्धू ने अपने घर की छत से काला झंडा दिखाना शुरु कर दिया। इसके अलावा, उसने 200 मीटर दूर से ही मुख्यमंत्री से सवाल पूछने शुरू कर दिए। कार्यक्रम में लोगों का ध्यान मोहनजीत की ओर आकर्षित हुआ तो सीएम सिक्योरिटी के साथ स्थानीय पुलिस ने कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि मोहनजीत पर पहले से 8 मामले दर्ज हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। डोप टेस्ट भी पॉजीटिन आया। लेकिन पंचायत के गारंटी लेने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। उसके बाद मोहनजीत ने पुलिस पर कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए। मोहनजीत ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप रिहा होने के बाद मोहनजीत सिंह ने पुलिस पर हिरासत में बेरहमी से पीटने, बाल खींचने और करंट लगाने जैसे गंभीर व अमानवीय आरोप लगाए। मोहनजीत ने कहा कि पुलिस हिरासत में उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं और डीएसपी ने खुद उसे बिजली के झटके दिए। जिसके बाद मोहनजीत संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती हो गए और विरोध जताने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यहीं से विरोधियों ने सरकार को घेरा मोहनजीत के आरोपों के बाद विरोधी दलों के नेता मोहनजीत से मिलने के लिए सुखपाल खेहरा, सुखबीर बादल संगरूर के सिविस अस्पताल पहुंचे। जिन्होंने सरकार और पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। सुखबीर बादल बोले-गुरसिख युवक के कान का पर्दा फाड़ा अस्पताल पहुंचकर सुखबीर बादल ने मोहनजीत सिंह से मुलाकात कर हालचाल जाना। सुखबीर बादल ने कहा कि मोहनजीत सिंह पर पुलिस द्वारा किया गया अत्याचार आम आदमी पार्टी सरकार की तानाशाही की पराकाष्ठा है। एक सिख की दस्तार पर हमला करना, उसके केशों की बेअदबी करना और उसे नग्न करके अपमानित करना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। सुखबीर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से पंजाब के डीजीपी और डीआईजी से बात करके, डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा को इस अपराध के लिए तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। कहा कि इंसाफ की इस लड़ाई में पूरा शिरोमणि अकाली दल मोहनजीत सिंह के साथ खड़ा है। कांग्रेस मोहनजीत के साथ खड़ी: सुखपाल खैहरा विधायक सुखपाल खैहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में नशे के मुद्दे को उजागर करना मोहनजीत का साहसिक कदम है। एकजुटता व्यक्त करने के लिए संगरूर अस्पताल में पुलिस की बर्बरता के शिकार हुए मोहनजीत शेरों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी के नेताओं के इशारे पर उन पर थर्ड डिग्री टॉर्चर करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। खैहरा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस नए कानून के तहत गुरसिख मोहनजीत शेरों की दाढ़ी की बेअदबी करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग करती है। भाजपा अध्यक्ष ने भी सरकार को घेरा भाजपा के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि मोहनजीत सिंह ने कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं की, बल्कि उसने पंजाब की युवा पीढ़ी को नशों से बचाने का गंभीर मुद्दा सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन इस गुरसिख युवक को नशों का मुद्दा उठाने के बदले पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट और अत्याचार करना तथा उसके ककारों की बेअदबी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ककारों की बेअदबी बर्दाश्त नहीं: धामी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट धामी ने कहा कि दुख की बात है कि मोहनजीत सिंह पर अत्याचार करने के साथ-साथ उसके केसों और ककारों की बेअदबी किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि ककार सिख की धार्मिक पहचान, रहत और गुरु के प्रति आस्था के प्रतीक हैं। किसी सिख के ककारों की जानबूझकर बेअदबी या अपमानजनक व्यवहार कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार से जवाब मांगना हर नागरिक का हक है और यदि किसी व्यक्ति द्वारा सरकार की नीति, कार्यप्रणाली या किसी गंभीर सामाजिक मुद्दे पर सवाल किया जाता है तो उसे पुलिस की ताकत से चुप करवाना लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है। अब्दाली जैसा बर्ताव कर रहे हैं सीएम: वड़िंग पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मोहनजीत सिंह सिद्धू को हिरासत में लेने और टॉर्चर करने की निंदा की है, जिन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ काला झंडा दिखाया था। उन्होंने कहा कि मान अहमद शाह अब्दाली जैसा बर्ताव करने लगे हैं, जो शायद मानते हैं कि वही हमेशा राज करेंगे। वड़िंग ने कहा कि पंजाब पुलिस ने अब सिद्धू के खिलाफ ड्रग्स लेने के आरोप में केस दर्ज किया है, जो एक फ़र्ज़ी मामला है। वड़िंग ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी पत्र लिखकर उस युवक पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए टॉर्चर की जांच करने की अपील की है। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मोहनजीत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा आज उससे (मोहनजीत) मिले थे, वह बाद में उनसे मिलने जाएंगे। अमन अरोड़ा बोले-जांच करवाएंगे तो सच सामने आएगा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की इस मामले में प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मैं पूरे घटनाक्रम की निंदा करता हूं। उन्होंने बताया कि उनकी पुलिस अधिकारियों से बात हुई है और उन्होंने साफ तौर पर कहा और अपने बच्चों की कसम खाकर कहा कि उन्होंने उसे नहीं पीटा है। अमन अरोड़ा ने कहा कि मेडिकल जांच से प्रताड़ना के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने एसएसपी से बात की और मुझे बताया गया कि चोटें बहुत ताज़ा हैं और दो दिन पुरानी नहीं हैं। अरोड़ा ने आगे कहा कि एमएलआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) से यह स्पष्ट होगा कि चोटें खुद पहुंचाई गई हैं या किसी तरह की प्रताड़ना हुई है। एसएसपी ने प्रेस कान्फ्रेंस कर पूरे मामले की दी जानकारी मोहनजीत सिंह मामले में एसएसपी संगरूर रवजोत कौर गरेवाल ने प्रैस कान्फ्रैंस की। उन्होंने इस पूरे मामले पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में भी बताया। मोहनजीत सिंह मामले में एसएसपी संगरूर के बयान की 5 बड़ी बातें:
मोहनजीत सिद्धू के टाॅर्चर पर गरमाई सियासत:पंजाब में विपक्षी पार्टियां सरकार-पुलिस पर हमलावर; सुखबीर, खैहरा और बाजवा मिलने अस्पताल पहुंचे