राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत अमेरिका के सफल दौरे के बाद अब इंग्लैंड में प्रवासी भारतीयों से रूबरू होंगे। हालांकि, अमेरिका की तर्ज पर खालिस्तान समर्थकों ने इंग्लैंड में भी उनके इस दौरे का तीखा विरोध करने का ऐलान किया है। दल खालसा इंटरनेशनल और अन्य खालिस्तान समर्थक संगठनों ने सीधे तौर पर धमकी दी है कि वे यूके में मोहन भागवत का कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होने देंगे। उन्होंने ब्रिटिश पार्लियामेंट को पत्र लिखकर मांग की है कि इस दौरे को तुरंत रद्द किया जाए। इसके साथ ही खालिस्तान समर्थकों ने पार्लियामेंट से यह सवाल भी किया है कि मोहन भागवत को यूके का वीजा क्यों जारी किया गया? उनकी इस अपील पर संज्ञान लेते हुए ब्रिटिश पार्लियामेंट ने होम डिपार्टमेंट से रिपोर्ट मांगी है, जिस पर होम डिपार्टमेंट संसद में अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करेगा। खालिस्तानी संगठनों का कहना है कि वे 2 से 7 सितंबर तक लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग का घेराव करेंगे और मोहन भागवत के सभी कार्यक्रमों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
खालिस्तान समर्थकों की आरएसएस चीफ को दी गई धमकी में कही गई अहम बातें… सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, आयोजकों की तैयारियां पूरी खालिस्तानी संगठनों की ओर से मिली धमकियों और प्रदर्शन के ऐलानों को देखते हुए यूके की स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। भारतीय उच्चायोग और संभावित कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटा जा सके। हिंदू स्वयंसेवक संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि मोहन भागवत का यह दौरा पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही चलेगा। संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के इस कार्यक्रम को लेकर प्रवासी भारतीय समुदाय में खासा उत्साह है और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएंगे।
यूके में RSS प्रमुख का खालिस्तान समर्थक कर रहे विरोध:दल खालसा इंटरनेशनल की धमकी- नहीं होने देंगे कार्यक्रम; पार्लियामेंट को लिखा लेटर