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शिमला में जिला परिषद चेयरमैन-वाइस चेयरमैन का चुनाव आज:कांग्रेस-BJP के पास स्पष्ट बहुमत नहीं, निर्दलीय बनेंगगे किंगमेकर; 102 दिन बाद होंगे इलेक्शन

शिमला जिला परिषद को आज 102 दिन के लंबे इंतजार के बाद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन मिल सकते हैं। जिला परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव वीरवार को सुबह 10:30 बजे बचत भवन में होंगे। डीसी शिमला की अध्यक्षता में चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी जिला परिषद सदस्यों को चुनाव की सूचना पहले ही दे दी है और बुधवार शाम तक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। 25 सदस्यीय जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के लिए किसी भी दल को कम से कम 13 सदस्यों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र रेटका को उम्मीदवार बना सकती है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय को प्रत्याशी उतार सकती है। वहीं, भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और आखिरी मौके पर प्रत्याशी की घोषणा करेगी। मौजूदा स्थिति में भाजपा के 12 और कांग्रेस के 11 निर्वाचित सदस्य हैं। दो निर्दलीय सदस्य दोनों ही दलों के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों इन निर्दलीय सदस्यों का समर्थन अपने पक्ष में होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान ही साफ होगा कि निर्दलीय किसके साथ जाते हैं। दोनों दलों के लिए एक-एक वोट अहम जिला परिषद में इस बार मुकाबला बेहद रोचक है। दोनों दलों के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में दो निर्दलीय सदस्य किंगमेकर की भूमिका में हैं। जिस दल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को पर्याप्त समर्थन मिलेगा, उसकी जिला परिषद पर सत्ता तय हो जाएगी। भाजपा ने मीटिंग कर रणनीति बनाई चुनाव से पहले भाजपा ने बुधवार शाम शिमला में जिला परिषद सदस्यों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। पार्टी ने सदस्यों को एकजुट रहने और क्रॉस वोटिंग से बचने के निर्देश दिए। वहीं, कांग्रेस समर्थित जिला परिषद सदस्य मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली से लौटने के बाद उनसे मिलने ओक ओवर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सदस्यों को एकजुट रहने के निर्देश दिए। 31 मई को हुए थे पंचायतीराज चुनाव हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 31 मई को संपन्न हुए थे। इसके बाद शिमला जिला परिषद के सदस्य तो चुन लिए गए, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया। चुनाव में देरी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। अदालत के आदेशों के बाद मामला आगे बढ़ा है। इससे पहले अगस्त के पहले सप्ताह में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाई गई थी। उस समय कांग्रेस और भाजपा दोनों के सदस्यों ने बैठक से किनारा कर लिया था। अब गुरुवार को तीसरी बैठक में चुनाव करवाए जाएंगे। नियमानुसार 50 प्रतिशत यानी 13 सदस्यों की मौजूदगी में कोरम पूरा माना जाएगा। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की सेंध पर नजर शिमला जिला परिषद पर लंबे समय से कांग्रेस का प्रभाव रहा है। ऐसे में भाजपा इस बार जिला परिषद की सत्ता अपने हाथ में लेने की कोशिश में है। वहीं, कांग्रेस के सामने अपना प्रभाव बरकरार रखने की चुनौती है। दोनों दलों के दावों और निर्दलीय सदस्यों के रुख को देखते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पर पूरे जिले की नजर है।