संत ने भरी सभा बेटे नहीं सचिव पर किया भरोसा:कहा- पुत्र विद्वान है, लेकिन उसमें श्रद्धा ज्यादा निष्ठा कम

संत ने भरी सभा बेटे नहीं सचिव पर किया भरोसा:कहा- पुत्र विद्वान है, लेकिन उसमें श्रद्धा ज्यादा निष्ठा कम
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