सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे उठाने के मामले में सहकारिता विभाग के इंस्पेक्टर एवं करनाल वाल्मीकि भवन के अध्यक्ष अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है। हरियाणा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय, पंचकूला की ओर से बीती 3 सितंबर को आदेश जारी किया गया। अमित कुमार नूंह जिले के नगीना में सहकारी समितियों के इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और उनके खिलाफ प्रशासनिक आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में अमित कुमार की सरकारी सेवा के दायरे से बाहर की सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वह करनाल स्थित वाल्मीकि भवन के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। वह फेसबुक समेत सोशल मीडिया खातों पर वाल्मीकि समाज और वाल्मीकि भवन से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी कुछ हालिया फेसबुक पोस्ट में सफाई कर्मचारियों की वेतन और मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन नजर आया। साथ ही उन्होंने राज्य स्तर के मौजूदा सामुदायिक नेताओं पर इस मुद्दे पर कथित निष्क्रियता को लेकर सवाल उठाए। पुलिस कार्रवाई पर भी उठाया था सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अमित कुमार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार को लेकर राज्य पुलिस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। एक अन्य पोस्ट में वह नगर पालिका कर्मचारी संघ के एक कार्यक्रम या बैठक में लोगों को संबोधित करते हुए दिखाई दिए। रिपोर्ट में इन गतिविधियों की जानकारी आगे की आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को दी गई थी। 6 महीने तक मिलेगा निर्वाह भत्ता
निलंबन आदेश के अनुसार, पहले 6 महीने के दौरान अमित कुमार को निर्वाह भत्ता मिलेगा। यह राशि उस अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर होगी, जो उन्हें अर्ध-औसत वेतन या अर्ध-वेतन पर अवकाश की स्थिति में मिलती। यदि निलंबन की अवधि 6 महीने से अधिक होती है तो निर्वाह भत्ते की दर इस शर्त के अधीन होगी कि वह प्रमाणपत्र दें कि वे किसी अन्य नौकरी, कारोबार, पेशे या व्यवसाय में संलिप्त नहीं हैं। सिरसा रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान अमित कुमार का मुख्यालय सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, सिरसा के कार्यालय में रहेगा। उन्हें सहायक रजिस्ट्रार की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।