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हथिनीकुंड बैराज में सेना की बोट डूबी, 2 जवान लापता:15km तक सर्च ऑपरेशन, हेलिकॉप्टर से भी निगरानी; प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा

हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर डूबे सेना के दो जवानों का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लगा। बुधवार शाम 15 किमी दूर दादूपुर हेड से दो लाइफ जैकेट और एक डाइविंग किट मिली। सेना ने अभी पुष्टि नहीं की है कि ये लापता जवानों की ही हैं। उत्तर प्रदेश की तरफ यमुना में बढ़था कोरसी गांव के पास एक शव मिला है। ये जगह भी बैराज से करीब 15 किमी दूर है। सिंचाई विभाग के SDO नवीन रंगा ने बताया कि पहचान के लिए आर्मी को सूचना दी गई है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शव लापता जवानों में से किसी का है या नहीं। सेना की टीमें 15 किमी के दायरे में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। दो हेलिकॉप्टर भी तलाश में जुटे हैं। जवानों के पैरों में लगे ट्रैकर से अभी कोई सिग्नल नहीं मिला है। वन पैरा स्पेशल फोर्स की प्रैक्टिस के दौरान मंगलवार शाम करीब 5 बजे चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी बोट में 5 जवान कूदे थे। बोट डूबने लगी तो पांचों डाइविंग किट और लाइफ जैकेट के साथ नदी में कूद गए। इनमें 3 जवान तैरकर पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकल आए, जबकि महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय लापता हो गए। हरियाणा और यूपी SDRF की टीमें भी सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। सर्च के चलते हरियाणा-यूपी के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पश्चिमी यमुना नहर में एक घंटे तक पानी रोका गया, ताकि जलस्तर कम होने पर तलाश की जा सके। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार शाम प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि दोनों जवानों की तलाश में सेना, एयरफोर्स, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। यमुना में चल रहे सर्च ऑपरेशन के PHOTO… सर्च अभियान में 4 बड़े चैलेंज रात में 10 किलोमीटर तक खंगाली गई नहर जवानों के लापता होने की सूचना के बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम जसपाल गिल और डीएसपी रजत गुलिया मौके पर पहुंचे। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। रेस्क्यू टीमों ने हथिनीकुंड बैराज से आगे निकलने वाली नहर में करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया है। तेज बहाव के कारण गोताखोरों के लिए कई स्थानों पर पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। गांवों के सरपंचों को भी किया अलर्ट गोताखोरों के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली नहर आगे जाकर कई हिस्सों में बंट जाती है। इसी के चलते प्रशासन ने नहर के किनारे पड़ने वाले सभी गांवों के सरपंचों को भी सूचना दे दी है। उन्हें नहर पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि यदि दोनों जवानों में से कोई पानी के बहाव के साथ आगे पहुंचता है या कहीं दिखाई देता है तो तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी जा सके। बैराज से निकलने वाली नहर पर आगे करीब सात पुल भी पड़ते हैं। इन पुलों के नीचे से पानी काफी तेज गति से बह रहा है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ था हादसा हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले यमुना की अप स्ट्रीम में हुआ था। यहां सेना के वन पैरा स्पेशल फोर्स का बाढ़ बचाव अभ्यास चल रहा था। यह अभ्यास 30 अगस्त से चल रहा था और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। बताया जा रहा है कि अभ्यास के दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर से जवान एक-एक करके यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इस पहले जवानों के कूदते ही हेलिकॉप्टर भी वहां से निकल गया। बोट डूबने के बाद जवानों को तेज बहाव व गहरे पानी में उतरना पड़ा। तीन जवान तैरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के गेट की तरफ पहुंचे और करीब 600 मीटर का सफर तय कर बाहर निकल गए, लेकिन आर्यन पाटिल और अजय का पता नहीं चल सका।