साल 2005 में आरोपी को दोषी मानते हुए निचली अदालत ने दो साल कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए सरकारी क्लर्क को बरी किया है।
200 रुपये की रिश्वत का दाग 21 साल बाद धुला: हाईकोर्ट ने क्लर्क किया बरी, लोन लेकर भैंस खरीदने का मामला

— अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़