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कंगना रनोट की भाषा पर BDO संघ नाराज:कहा-अधिकारियों का सम्मान जरूरी, हर देरी के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत

हिमाचल प्रदेश खंड विकास अधिकारी (‌BOD) संघ ने सांसद कंगना रनोट की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है। यह आपत्ति जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की हाल ही में हुई बैठक में BDO के लिए इस्तेमाल की गई भाषा-शैली को लेकर है। BDO संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपीचंद और महासचिव गौरव धीमान ने कहा कि दिशा बैठक विकास कार्यों की समीक्षा का अहम मंच है। ऐसी जगह अधिकारियों के सम्मान और मनोबल पर असर डालने वाली भाषा सही नहीं है। उन्होंने बताया कि मंडी जिले में 23 कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए कुल 237 काम मंजूर हुए हैं। इन पर 511.71 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। इनमें से 68 काम पूरे हो चुके हैं, 143 काम चल रहे हैं और 26 काम शुरुआती दौर में हैं। संघ के मुताबिक, इन एजेंसियों में से सिर्फ 12 BDO कार्यालय कार्यान्वयन एजेंसियां हैं। इनके जिम्मे 212 काम हैं, जिनके लिए 399.59 लाख रुपए मंजूर हुए हैं। इनमें से 57 काम पूरे हो चुके हैं, 142 काम चल रहे हैं और 13 काम शुरुआती दौर में हैं। MPLADS के अलावा भी बहुत सी जिम्मेदारी निभाते है बीडीओ कार्यालय: धीमान संघ ने यह भी साफ किया कि बीडीओ कार्यालयों की जिम्मेदारी सिर्फ MPLADS तक सीमित नहीं है। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मनरेगा, पीएमएवाई-जी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण जैसी कई योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आपदा के समय राहत और पुनर्वास के कामों में भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी होती है। हर देरी के लिए बीडीओ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं धीमान ने बताया कि कई बार भूमि संबंधी दिक्कतों, वन विभाग की अनुमति, लाभार्थी की सहमति, एनओसी और न्यायिक मामलों के कारण विकास कार्यों में देरी होती है। पंचायत स्तर पर भी कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जिनसे काम में रुकावट आती है। ऐसे में हर देरी के लिए सिर्फ बीडीओ को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। संघ ने सांसद और दिशा समिति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य की बैठकों में अधिकारियों के साथ सम्मानजनक और मर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाए। संघ ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ऐसी स्थिति दोबारा बनी, तो संगठन जरूरी कदम उठाएगा।

📰 Editorial Attribution: Originally reported by हिमाचल | दैनिक भास्कर ↗. Curated and contextualized by the Chandigarh Daily news desk.