17 जून को अमेरिका के सेंट्रल पार्क में घोड़ा-बग्गी दुर्घटना के दौरान अपनी मां की जान बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले 18 वर्षीय पठानकोट निवासी रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द् एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा ये विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। इस सम्मान के साथ-साथ इसी साल न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ‘रोमांच लॉ’ नाम के विधेयक पर मुहर लगाने जा रही है। जिसका उद्देश्य सेंट्रल पार्क में घोड़ा-बग्गी उद्योग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना है। कई दशकों से घोड़ा-बग्गी बंद करने की मांग पूरी होते देख अमेरिका के लोग और दुनिया भर के पशु प्रेमी खुश हैं। भास्कर ने इस बाबत रोमांच के पिता दीपक महाजन से बातचीत की। जिन्होंने इस पूरे मामले में जानकारी दी। पशुओं का फरिश्ता: PETA मेमोरियल में उकेरा जाएगा संदेश
दीपक महाजन ने बताया कि PETA का ‘ट्री ऑफ लाइफ’ मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है, जो उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। पत्ती पर लिखा संदेश: रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा “रोमांच महाजन की प्यारी याद में—पशुओं का एक फरिश्ता।” पारिवारिक स्मृति: पठानकोट स्थित रोमांच के घर में उनके माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। स्वभाव से दयालु और धार्मिक था रोमांच देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है। लेकिन, इस हादसे के बाद सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। बताया कि रोमांच के हादसे के बाद इजिप्ट, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग में घोड़ा गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। उसके इलावा, पेटा के ‘ट्री ऑफ लाइफ’ में पहले भारतीय के नाम जुड़ने और पहले भारतीय के नाम पर अमेरिका में कानून ‘रोमांच लॉ’ बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। क्या है ‘रोमांच लॉ’? यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इस उद्योग को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सीटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक का सह-प्रायोजन किया है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में; परिवार ने किया केस सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। गौरतलब है कि रोमांच के माता-पिता ने 14 अगस्त को न्यूयॉर्क शहर के खिलाफ गलत तरीके से हुई मौत का मुकदमा दर्ज कराने के लिए दावा नोटिस दायर किया है। उनका कहना है कि यदि उन्हें इस उद्योग में शामिल क्रूरता और खतरों के बारे में पहले से पता होता, तो वे कभी बग्गी की सवारी न करते। क्यों खास है पेटा का ‘ट्री ऑफ लाइफ’ पेटा का ‘ट्री ऑफ लाइफ’ एक विशेष मेमोरियल (स्मारक) है जिसे पशु अधिकारों और उनके प्रति करुणा की भावना को अमर बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसकी मुख्य खासियतों और महत्व को इस तरह समझें श्रद्धांजलि और सम्मान: पेटा अपने इस ‘ट्री ऑफ लाइफ’ स्मारक पर एक विशेष ‘पत्ती’जोड़कर उन असाधारण इंसानों और पशु प्रेमियों को सम्मानित करता है जिन्होंने पशु कल्याण के लिए अपनी जान जोखिम में डाली या अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अलावा, यह उन बेजुबान जानवरों की याद में भी समर्पित होता है जो मानवीय क्रूरता या हादसों का शिकार हुए हैं। सहानुभूति और एकता का प्रतीक: पेटा का यह मेमोरियल केवल पशुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर तरह के उत्पीड़न और हिंसा के खिलाफ प्यार और न्याय का संदेश देता है। उदाहरण के लिए, ऑरलैंडो में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके पीछे छूटे पालतू जानवरों के सम्मान में भी पेटा ने अपने ‘ट्री ऑफ लाइफ’ पर एक विशेष पत्ती समर्पित की थी। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा: इस पेड़ पर दर्ज नाम और कहानियां लोगों को हमेशा याद दिलाती हैं कि वे समाज में अहिंसा, शाकाहार और जीवों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा दें। यह पशु रक्षकों की विरासत को जीवित रखने का एक जरिया है। अब जानिए पूरा मामला… पठानकोट से अमेरिका घूमने गया था परिवारः न्यूयॉर्क में हादसे का शिकार हुए रोमांच महाजन (18) माता-पिता के साथ 14 जून को न्यूयॉर्क गया था। परिवार का 15 दिन का टूर था। इसमें परिवार ने 2-3 दिन और घूमने के बाद रोमांच की भुआ (अमेरिका) के घर जाना था। लेकिन, उसके पहले ही हादसा हो गया। परिवार पठानकोट के इंदिरा कॉलोनी में रहता है। अचानक बेकाबू हुआ घोड़ा, घोड़ा-गाड़ी पलटीः न्यूयॉर्क पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रमन महाजन अपने पिता दीपक महाजन, मां प्रिया महाजन और छोटे भाई माणिक के साथ पारंपरिक घोड़ा-गाड़ी में बैठकर सेंट्रल पार्क की सैर कर रहा था। इसी दौरान ‘चेरी हिल’ इलाके के पास घोड़ा अचानक किसी बात से डर गया और बेकाबू होकर सरपट दौड़ने लगा। सड़क से टकराया सिरः बेकाबू घोड़ा बग्गी को घसीटते हुए ‘वेस्ट ड्राइव’ की तरफ भागा और मशहूर ‘टैवर्न ऑन द ग्रीन’ रेस्टोरेंट के पास दूसरी घोड़ा-गाड़ी से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बग्गी बीच सड़क पर ही पलट गई और रमन उछलकर कंक्रीट की सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके सिर पर गहरी चोटें आईं। मां को बचाने के चक्कर में गई जानः रोमांच के दादा सुरेश महाजन ने बताया कि बग्गी में पूरा परिवार सवार था। घोड़ा जैसे ही बिदका उसके पीछे बग्गी चालक भी दौड़ा पर घोड़ा तेजी से बग्गी सहित निकल भागा। परिवार के मुताबिक रोमांच और मां प्रिया एक साइड बैठे थे। जैसे ही घोड़ा तेज दौड़ा तो बग्गी का संतुलन बिगड़ गया और प्रिया बग्गी से नीचे गिर गई। मां को बचाने के चक्कर में रोमांच ने भी छलांग लगा दी।
इंटरनल ब्लीडिंग से मौतः हादसे में प्रिया महाजन के हलकी चोटें आईं। लेकिन, रोमांच सिर के बल नीचे गिरा। जिससे उसके हेड इंजरी हुई। अस्पताल में 2 दिन उसका इलाज चला लेकिन, इंटरनल ब्लीडिंग के कारण उसकी जान चली गई।
पठानकोट के रोमांच का अमेरिका में सम्मान:PETA के ‘ट्री ऑफ लाइफ’ में पहले भारतीय के तौर पर दर्ज हुआ नाम,’रोमांच लॉ’ से खत्म होगी घोड़ा-बग्गी प्रथा