पंजाब के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिले के लिए अनिवार्य सर्विस बॉन्ड की शर्तों को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को पंजाब सरकार ने बड़ी राहत दी है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (डीआरएमई) ने 20 लाख रुपये के सर्विस बॉन्ड के साथ 2 अचल संपत्तियों की जमानत देने की अनिवार्यता में बदलाव करते हुए अब कई वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध कराए हैं। यह फैसला उस आदेश के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें 20-20 लाख रुपए मूल्य की 2 संपत्तियों की जमानत मांगी गई थी। इससे ईडब्ल्यूएस और निम्न आय के विद्यार्थियों में चिंता पैदा हो गई थी। नई व्यवस्था के तहत सरकारी मेडिकल,डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को कोर्स और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा करनी होगी। स्टेट कोटा के विद्यार्थियों के लिए यह सेवा अवधि दो वर्ष, जबकि ऑल इंडिया कोटा के विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष होगी। इसके लिए 20 लाख रुपए का सर्विस बॉन्ड देना अनिवार्य रहेगा। पहले इस बॉन्ड के साथ दो जमानतदारों को 20-20 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्ति के दस्तावेज देने होते थे। संपत्ति को निर्धारित अवधि तक बेचने या उस पर किसी प्रकार का भार डालने की अनुमति नहीं थी। गारंटी कम से कम आठ वर्ष के लिए होनी चाहिए इस शर्त को लेकर अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी कि नीट मेरिट और ईडब्ल्यूएस पात्रता के आधार पर सरकारी सीट हासिल करने वाले कई विद्यार्थियों के परिवारों के पास इतनी मूल्य की 2 अलग-अलग संपत्तियां नहीं हैं। अब विद्यार्थी 20 लाख रुपए की बैंक गारंटी भी जमा कर सकेंगे। यह गारंटी कम से कम आठ वर्ष के लिए किसी अनुसूचित या राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा पंजाब के राज्यपाल के पक्ष में जारी होनी चाहिए। इसके अलावा 20 लाख रुपये की एफडीआर भी दी जा सकती है। वित्तीय बैंक का प्रमाणपत्र या अंडरटेकिंग भी संपत्ति का विकल्प नए नियमों में राज्य या केंद्र सरकार अथवा स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों को भी जमानतदार बनने की अनुमति दी गई है। वास्तविक आर्थिक कठिनाई के मामलों में एक पर्याप्त वित्तीय क्षमता वाले जमानतदार को भी स्वीकार किया जा सकता है। एजुकेशन लोन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए वित्तीय बैंक का प्रमाणपत्र या अंडरटेकिंग भी संपत्ति की जमानत के विकल्प के रूप में मान्य होगी।
पंजाब में MBBS दाखिले के लिए बॉन्ड में राहत:प्रॉपर्टी जमानत के बदले बैंक गारंटी का विकल्प; FDR-सरकारी कर्मचारी भी जमानतदार