पंजाब में कर्मचारियों और सरकार के बीच सोशल मीडिया वॉर छिड़ गया है। कर्मचारी सरेआम CM भगवंत मान के खिलाफ पोस्ट डाल रहे हैं। कर्मचारियों के संगठन ज्वाइंट फोरम ने आरोप लगाया है कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने एक जूनियर इंजीनियर को सिर्फ इसलिए सस्पेंड कर दिया कि उसने सीएम की फोटो वाली पोस्ट पर कमेंट किया है। ज्वाइंट फोरम के लीडर्स का दावा है कि पोस्ट पर जो कमेंट किया गया है, वो जेई दविंदर मेहरा ने नहीं किए, बल्कि AI जनरेटेड हैं। ज्वाइंट फोरम ने अब चीफ इंजीनियर के जरिए पावरकॉम के चेयरमैन को चेतावनी दी है कि अगर जेई दविंदर सिंह को उसी जगह पर बहाल नहीं किया गया तो पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। ज्वाइंट फोरम व अलग-अलग संगठनों के नेताओं ने चीफ इंजीनियर सेंट्रल जोन को चेतावनी दी है कि PSPCL ने कर्मचारियों का पक्ष जाने बिना इस तरह कार्रवाई की तो सभी कर्मचारी सीएम की सोशल मीडिया पोस्ट पर उनके खिलाफ असली कमेंट करेंगे। जेई को सस्पेंड करने के मामले की पूरी कहानी… चीफ इंजीनियर से सस्पेंशन रद्द करने की मांग
लुधियाना में ज्वाइंट फोरम और बिजली एकता मंच का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में आईटीआई एम्प्लॉइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दविंदर सिंह पिशौर, सदस्य रछपाल सिंह पाली, टीएसयू के प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह, पीएसईबी एम्प्लॉइज फेडरेशन एटक के प्रदेश सचिव गुरप्रीत सिंह महदूदां, प्रदेश संगठनात्मक सचिव गुरजंट सिंह राजगढ़, खन्ना सर्कल के नेता बलविंदर सिंह रामगढ़, राजिंदर सिंह घणीवाल और एमएसयू प्रतिनिधि पारस प्रमुख रूप से शामिल थे। नेताओं ने चीफ इंजीनियर के सामने कड़ी नाराजगी जताते हुए मांग पत्र सौंपा और कहा कि अमलोह डिवीजन की तोहड़ा सब-डिवीजन में कार्यरत जेई दविंदर को बिना किसी निष्पक्ष जांच के निलंबित करना सरासर धक्का और बेइंसाफी है।
पंजाब CM की पोस्ट पर कमेंट करने वाला JE सस्पेंड:ज्वाइंट फोरम का दावा- AI जनरेटेड, बहाल नहीं हुआ तो बिजली कर्मी करेंगे असली टिप्पणी