साहब ! इस बसेरे में कैसे कटेगी ठंड की रात:रैन बसेरों की टूटी खिड़कियों, गेट से आती है हवा, गद्दा व चद‌्दर भी नहीं, बगैर लाइट के काट रहे रात

ठंड से पहले व्यवस्था ठीक करने के थे आदेश, लेकिन सफाई तक नहीं कराई, कचरे में पड़े गद्दे को बिछाकर सोने को मजबूर
साहब ! इस बसेरे में कैसे कटेगी ठंड की रात:रैन बसेरों की टूटी खिड़कियों, गेट से आती है हवा, गद्दा व चद‌्दर भी नहीं, बगैर लाइट के काट रहे रात
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