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AAP मंत्री के पिता का निधन:93 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; पाकिस्तान में जन्म हुआ, बंटवारे के बाद परिवार जालंधर आया था

पंजाब के AAP मंत्री मोहिंदर भगत के पिता और पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने 93 साल 9 महीने और 9 दिन की उम्र में जालंधर के बस्ती एरिया स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शाम करीब 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। वहीं पंजबा सरकार ने आज आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है। वे अकाली-भाजपा गठबंधन वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उनका जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट (मौजूदा पाकिस्तान) में हुआ था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद उनका परिवार जालंधर में आकर बस गया था। उनका स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात का कारोबार था। उनके चार बेटे और चार बेटियां हैं। जालंधर वेस्ट की राजनीति में लंबे समय तक प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने 1997 में पहली बार चुनाव जीता था और विधानसभा पहुंचे। 2017 में उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। 1985 में पहली बार चुनाव लड़ा राजनीतिक सफर की शुरुआत में भगत चुन्नी लाल ने 1985 में जालंधर दक्षिण सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। 1997 में उन्होंने जालंधर दक्षिण सीट से पहली बार चुनाव जीता और पंजाब विधानसभा पहुंचे। 2007 में वह इसी सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए। इसके बाद परिसीमन के कारण यह क्षेत्र जालंधर पश्चिम बन गया। 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जालंधर पश्चिम से चुनाव लड़ा और फिर जीत दर्ज की। पंजाब विधानसभा में डिप्टी स्पीकर भी रहे अपने राजनीतिक करियर के दौरान भगत चुन्नी लाल ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली। 2011 में सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद उन्हें पंजाब विधानसभा का उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) चुना गया। 2012 से 2017 तक वह प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। इसके अलावा, 2012 से 2017 तक वह पंजाब विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे। इसके बाद उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।