अमृतसर| पंजाब की पहली रिवर राफ्टिंग टीम अमृतसर में तैयार हो रही है। तारांवाला पुल के पास यूबीडीसी नहर में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। यहां 4 दिन तक खिलाड़ियों को सुबह और शाम 3-3 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें राफ्टिंग की नेक्स्ट लेवल ट्रेनिंग के लिए देवप्रयाग ले जाया जाएगा। टीम में खिलाड़ी खालसा कॉलेज, खालसा यूनिवर्सिटी और खालसा वुमेन कॉलेज से चुने गए हैं। खास बात यह है कि टीम में शामिल खिलाड़ी पहले से ही रोइंग और स्वीमिंग से जुड़े हैं और नेशनल स्तर पर खेल चुके हैं। इसी वजह से उम्मीद है कि राफ्टिंग की तकनीक को भी तेजी से सीख सकेंगे। खिलाड़ियों को राफ्टिंग का विशेषज्ञ प्रशिक्षण देने के लिए हिमाचल प्रदेश से 3 कोच गणेश, महेश और उमेश पहुंचे हैं। ट्रेनिंग में खिलाड़ियों को चलते पानी में राफ्ट को नियंत्रित करने, टीम के साथ तालमेल बनाने और नदी के बहाव के अनुसार तकनीक अपनाने का अभ्यास कराया जा रहा है। रिवर राफ्टिंग की ट्रेनिंग लेते खिलाड़ी। पंजाब एसोसिएशन फॉर राफ्टिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रधान गुनबीर सिंह ने बताया कि पंजाब में पहली बार राफ्टिंग की स्टेट टीम बनाई जा रही है। टीम के लिए अगला बड़ा पड़ाव देवप्रयाग होगा। 17 सितंबर से 18वीं नेशनल राफ्टिंग प्रतियोगिता शुरू हो रही है। टीम से जुड़े पदाधिकारियों को उम्मीद है कि देवप्रयाग में होने वाली नेक्स्ट लेवल कोचिंग के बाद पंजाब की टीम इस नेशनल प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले सकेगी। तारांवाला पुल पर यूबीडीसी नहर को बेसिक ट्रेनिंग के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां पानी का फ्लो अच्छा है। शुरुआती प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को चलते पानी में राफ्टिंग से परिचित करवाया जा रहा है। इसके बाद नहर में मौजूद रैपिड्स तक ले जाकर उन्हें उसके बहाव और परिस्थितियों का अनुभव दिलाने की तैयारी है। जीएनडीयू से जुड़े रोइंग के कोच पवन कुमार के मुताबिक, अमृतसर में वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां पहले से होती रही हैं। रोइंग करीब 24 साल से चल रही है, लेकिन राफ्टिंग पहली बार शुरू हो रही है।रोइंग के लिए स्टिल वाटर की जरूरत होती है, जबकि राफ्टिंग में चलते पानी का अनुभव जरूरी है। -इनपुट : अमनदीप सिंह, फोटो : सुनील कुमार
अमृतसर में तैयार हो रही पंजाब की पहली रिवर राफ्टिंग टीम