गुरुग्राम कोर्ट में रिश्वतखोर पटवारी की चार्जशीट दाखिल:इंतकाल की एवज में मांगे थे ₹45 हजार, ₹15 हजार लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार

गुरुग्राम में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के एक चर्चित मामले में आरोपी पटवारी के विरुद्ध जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है। एसीबी ने हल्का पटवारी राजेश मलहान को एक जमीन के इंतकाल की एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में छह जुलाई 2026 को पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। एसीबी द्वारा दर्ज मामले के अनुसार यह पूरा प्रकरण गुरुग्राम जिले की पटौदी तहसील के अंतर्गत आने वाले हल्का गांव शेरपुर का है। भ्रष्टाचार का यह मामला तब उजागर हुआ जब शिकायतकर्ता भूपेंद्र यादव ने ब्यूरो को लिखित शिकायत दी। इंतकाल के लिए 45 हजार मांगे शिकायतकर्ता भूपेंद्र यादव ने बताया कि उनके दोस्त अशोक गुप्ता को अपनी पत्नी अनीता के नाम पर शेरपुर गांव स्थित एक जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना था। जब वे इसके लिए हल्का पटवारी राजेश मलहान के पास पहुंचे, तो आरोपी पटवारी ने काम करने के एवज में सीधे तौर पर 45,000 रुपये की मोटी रिश्वत की मांग कर दी। 20 हजार में सौदा पटा शिकायतकर्ता द्वारा काफी मिन्नतें करने और रकम कम करने का अनुरोध करने पर आरोपी पटवारी 20,000 रुपये लेने पर राजी हो गया। भूपेंद्र यादव पटवारी को पैसे नहीं देना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने तुरंत इसकी सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत के आधार पर ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और तय रणनीति के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया। गाड़ी से बरामद हुई थी रकम एसीबी की टीम ने छापेमारी करते हुए आरोपी पटवारी राजेश मलहान को 15,000 रुपये की रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। ब्यूरो की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिश्वत की यह अवैध राशि आरोपी पटवारी की व्यक्तिगत गाड़ी से ही बरामद कर ली, जो मामले में एक पुख्ता वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य बनी। एसीबी ने अब चार्जशीट गुरुग्राम कोर्ट में अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज निशांत कुमार की कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है। सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे तो शिकायत करें एसीबी ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के लिए रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत टोल फ्री नंबर 1800-1800-2022 या हेल्पलाइन 1064 पर सूचना देकर भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में सहयोग करें।