भास्कर न्यूज | जालंधर गढ़ा रोड पर पिरामिड ई-सर्विस दफ्तर में बीते दिन हुई गुंडागर्दी को लेकर थाना-6 में केस दर्ज किया गया है। केस में मोता सिंह नगर की रहने वाली मोनिका, उनके बेटे हरशित, फिरोजपुर (गुरुहरसहाए) निवासी जतिंदर सिंह और गांव फरीदपुर के नवनीत समेत 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। केस में बीएनएस की धारा 332 सी (जबरन दफ्तर में घुसना), 115(2) (मारपीट), 351(1) (डराना-धमकाना), 191(3) और 190 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस को जांच में सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं। उधर, पिरामिड ई सर्विसेज के ग्रुप एचआर हैड संजीव मेहरा ने बयान में कहा है कि – ग्रुप लगभग 20 साल से कार्यरत है। वे अवैध पैकेज डील, अनधिकृत धन व्यवस्था या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं। पिरामिड की ओर से लोगों को कतर, पुर्तगाल, ओमान, रूस या अन्य देशों में भेजे जाने के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं। पिरामिड इनमें से किसी भी देश में काम नहीं करता। मोहाली (डेरा बस्सी) निवासी एचआर मैनेजर संजीव के. मेहरा (46) ने बताया कि वह गढ़ा रोड पर बस स्टैंड के पास स्थित पिरामिड ई-सर्विस दफ्तर में कार्यरत हैं। मंगलवार दोपहर जब वह अपने दूसरे दफ्तर (पिरामिड आईईएलटीएस इंस्टीट्यूट) में मौजूद थे, तब उन्हें सहयोगी हिम्मत भास्कर का फोन आया कि पीएनबी बैंक के पास वाले ई-सर्विस दफ्तर में कुछ लोग घुस आए हैं और गाली-गलौज कर धमकियां दे रहे हैं। जब संजीव मौके पर पहुंचे, तो हमलावरों ने दफ्तर के पूरे स्टाफ को जबरन बाहर निकाल दिया। संजीव जैसे ही बाहर आकर फोन पर बात करने लगे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और पूछा कि तुम यहां क्या काम करते हो। उसने खुद को एचआर हेड बताया तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। बता दें कि हरि सिंह नलवा फेडरेशन की अगुवाई में पहुंचे पीड़ितों ने एजेंसी पर लाखों रुपए लेने के बावजूद स्टडी वीजा न लगवाने और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इनसाइड स्टोरी… सीसीटीवी में कैद हुई पर्स उठा ले जाने वाली महिला पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि भीड़ दफ्तर में आ गई थी। हाथापाई करनी शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों के साथ आई एक अन्य महिला दफ्तर के अंदर दाखिल हुई। उसने काउंसलिंग का काम करने वाली कोमल भंडारी का पर्स चुरा लिया। पर्स में 20,000 रुपए, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य निजी दस्तावेज थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से महिला की शिनाख्त करने में जुटी है। उधर, एसीपी मनमोहन सिंह का कहना है कि एएसआई दिलबाग सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
पिरामिड दफ्तर में मैनेजर से मारपीट, स्टाफ का पर्स चोरी, मां-बेटे समेत 20 पर केस दर्ज