वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी की NCC एयर विंग कैडेट काजल का ‘अपराजिता–परंगला ट्रैक-2026’ के लिए चयन हुआ है। वह हिमाचल एयर स्क्वाड्रन NCC, कुल्लू से इस अभियान के लिए चुनी जाने वाली अकेली कैडेट हैं।काजल देशभर से चुनी गईं 28 NCC कैडेट्स के साथ करीब 250 किलोमीटर लंबे इस ट्रैकिंग अभियान में हिस्सा लेंगी। यह अभियान 23 सितंबर तक चलेगा। इस अभियान के दौरान कैडेट्स हिमालय के मुश्किल और ऊंचे इलाकों से गुजरेंगे। ट्रैक का सबसे कठिन पड़ाव 17 सितंबर को होगा। इसमें बोंगरोजन से परंगला दर्रा पार कर डाक करजोंग तक पहुंचना होगा। अभियान दल 18,370 फीट की ऊंचाई तक पहुंचेगा इस दौरान अभियान दल करीब 18,370 फीट की ऊंचाई तक पहुंचेगा। अभियान का रास्ता काफनू, मुलिंग, कारा, पुस्तिरंग, भाभा-पिन पास, बालदार, मुध, काजा, किब्बर, डुमला, थलटक, बोंगरोजन, परंगला पास, डाक करजोंग, नोरबू सुमदो, क्यांगडम, करजोक होते हुए लेह तक तय किया गया है। विंग कमांडर कुणाल शर्मा कर रहे नेतृत्व इस मुश्किल अभियान का नेतृत्व विंग कमांडर कुणाल शर्मा कर रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश एयर स्क्वाड्रन NCC कुल्लू के कमांडिंग ऑफिसर हैं। महिला अधिकारियों में लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम पांडेय टीम लीडर हैं। रक्षा मंत्री ने अभियान को झंडी दिखाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली से इस अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। NCC अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे अभियान कैडेट्स में साहस, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, अनुशासन और मुश्किल हालात में फैसले लेने की क्षमता बढ़ाते हैं। फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल क्रांति सिंह ने काजल के चयन पर खुशी जताई। कॉलेज में NCC ट्रेनिंग से अब तक कई अफसर निकले कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजीव कुमार, फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल, लेफ्टिनेंट डॉ. बलवीर सिंह और केयरटेकर अधिकारी डॉ. कविता ने भी काजल को शुभकामनाएं दीं। कॉलेज में NCC ट्रेनिंग से अब तक कई कैडेट्स सेना और वायुसेना में अधिकारी बन चुके हैं। वे अंतरराष्ट्रीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
मंडी की NCC कैडेट काजल परंगला ट्रैक के लिए चयनित:हिमाचल एयर स्क्वाड्रन से अकेली चुनीं; 250 KM की चुनौतीपूर्ण यात्रा करेंगी तय
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