फरीदाबाद में सफाईकर्मियों ने स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया। सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह मंत्री के काफिले में शामिल कमांडो एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़ गए। माइक लेकर ‘हल्ला बोल हल्ला बोल’ के नारे लगाने लगे। उनके समर्थन में अन्य सफाईकर्मी झाड़ू लहराने लगे। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें अंदर घुसने से रोका। बलबीर सिंह ने कहा- सरकार ESMA लगाने की बात कर रही है, मगर आंदोलन रुकने वाला नहीं है। 31 दिन से हड़ताल चल रही है, लेकिन मंत्री विपुल गोयल एक बार भी मिलने नहीं आए। हर बार मंत्री कृष्ण बेदी को भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा- हमारे विभाग के मालिक विपुल गोयल है। कृष्ण बेदी को मीटिंग में नहीं आना चाहिए। आज ये सवाल है कि इनमें से कौन सा मंत्री बड़ा है। सरकार को ठेका प्रथा खत्म करनी चाहिए। ठेकेदार खून चूस रहे हैं। गाड़ी पर चढ़कर प्रदर्शन, पुलिस ने नीचे उतारा फरीदाबाद में सफाईकर्मी पिछले 31 दिनों से हड़ताल पर है। शनिवार सुबह यूनियन प्रधान बलबीर के साथ सैकड़ों सफाईकर्मी सेक्टर-16 स्थित मंत्री विपुल गोयल के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करने लगे। बलबीर सिंह एस्कॉर्ट की स्कार्पियो गाड़ी पर चढ़कर हंगामा करे लगे। कुछ देर बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर नीचे उतार दिया। हालांकि इसके बाद भी सफाईकर्मी काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। यूनियन प्रधान बोले- एक महीने से बातचीत नहीं सफाईकर्मी यूनियन प्रधान बलबीर ने कहा कि मंत्री 5 अगस्त को चंडीगढ़ में मिलने आए थे। इसके बाद एक महीने से दोबार कई बात नहीं हुई। हम बस ठेका प्रथा खत्म करने की ही बात कर रहे हैं। हमे निगम के पैरोल पर भर्ती चाहिए। बलबीर सिंह ने कहा, महिला सफाईकर्मी सड़कों पर उतर रही है। सरकार हमारी हड़ताल को पीटना चाहती है, इसीलिए हम कूड़ा उठना नहीं देंगे। सरकार अब मशीनों से कूड़ा उठवाना चाहती है। सरकार को एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए, हम 2 कदम बढ़ाएंगे। सफाईकर्मी क्या मांग कर रहे… क्यों नहीं मान रहे सफाईकर्मी… 13 मई के समझौते के बाद भी आदेश जारी नहींः कैथल नगरपालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारी विक्की टांक के अनुसार, 8 फरवरी 2026 को सरकार ने आंदोलन के दबाव में पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया था। लंबी हड़ताल के बाद 13 मई को हरियाणा भवन में मंत्री विपुल गोयल, CM के प्रधान सचिव आरके खुल्लर और अधिकारियों की संघ के साथ करीब 6 घंटे बैठक हुई थी। इसमें मांगें मानकर 20 जून तक परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक मुख्य मांगों के आदेश जारी नहीं हुए। 13 हजार कर्मी पक्का करने का वादा नहीं निभायाः पदाधिकारियों के मुताबिक, 13 मई के समझौते में राज्य के करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। उनका आरोप है कि सरकार वादे से पीछे हट रही है और लंबे समय से किसी सफाई, सीवर या फायर कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। अब भी पक्का करने के मामले पर ही पेंचः 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र के जिमखाना क्लब में करीब 2 घंटे में दो दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, ULB आयुक्त अशोक मीणा आए। कर्मचारी यूनियन के 10 सदस्यीय कमेटी से बात हुई। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनी, लेकिन कर्मिंयों को पक्का करने की मांग पर कानूनी राय मांगने पर मामला फंस गया।
मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी पर चढ़कर सफाईकर्मियों का प्रदर्शन,VIDEO:ऑफिस के बाहर झाड़ू लहराई; यूनियन प्रधान बोले- पता नहीं विपुल-बेदी में कौन बड़ा