सिरसा जिले में झोरड़रोही निवासी कांग्रेस नेता एवं पूर्व सरपंच पोहला सिंह के पोते कुलबीर सिंह उर्फ निक्का की हत्या केस में 17 दिन बाद मेन आरोपी जसनदीप सिंह पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस पूछताछ में आरोपी जसनदीप ने बताया कि निक्का का भतीजे जसदीप सिंह के साथ 12 अगस्त को गांव के खेल ग्राउंड में झगड़ा हुआ था। उस समय दोनों में हाथा-पाई व मारपीट तक हो गई। इस पर निक्का सिंह ने उनको धमकी दी थी। वहां पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर छुड़वा दिया। मगर वह इस बात से गुस्से में था और उसने निक्का की हत्या करने की ठानी। तब से वह अपने दोस्तों व जानकारों के साथ मिलकर उसकी हत्या की फिराक में था। 21 अगस्त की रात को वह अपने भाई रणधीर सिंह व भतीजे जसदीप के साथ खेत में जा रहा था। इसकी सूचना उनको मिल गई और उन सभी ने बस स्टैंड पर तीनों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, निक्का के भतीजे जसदीप और जसनदीप में बहस इतनी ज्यादा हो गई कि इन्होंने आपस में देख लेने तक की धमकी दे डाली थी। निक्का पर पहले से हत्या का केस दर्ज था, तो उसे कोई डर नहीं था। जसनदीप भी उसकी धमकी सहन नहीं कर पाया और ये झगड़ा हत्या तक जा पहुंचा। प्लानिंग रचने वाले दोनों मेन आरोपी पकड़े गए पुलिस के अनुसार, हत्या के आरोपी जसनदीप को एक दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आज बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। हत्या के मेन आरोपी पकड़ जा चुके हैं, जिनके साथ झगड़ा किया और जिन्होंने ये प्लानिंग रची थी। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। अभी वे फरार चल रहे हैं। पहले 6 आरोपियों को पकड़ा जा चुका मामले में रोड़ा थाना पुलिस झोरड़रोही निवासी कुलदीप उर्फ मणी और गुरबख्श सिंह समेत चार युवकों को 11 दिन पहले गिरफ्तार किया था। आरोपी मणी का भी हत्या में अहम रोल था। उसी ने जसनदीप के कहने पर अपने साथियों को बुलाया था और निक्का को डंडों से पीटने में शामिल रहा। इससे पहले पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा था, जो जसनदीप के कहने पर हमला करने में शामिल हुए थे। ये सभी गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे, जो अपने हाथों में डंडे-तलवार व तेजधार हथियार लेकर आते-जाते दिख रहे हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर रही है। पोहला सिंह के परिवार से ताल्लुक रखता था निक्का निक्का के दादा पोहला सिंह कांग्रेस नेता होने के साथ झोरड़रोही गांव के सरपंच और ब्लॉक समिति सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने जिला परिषद का चुनाव भी लड़ा था। निक्का खेती-बाड़ी करता था और उसके दो बेटे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। निक्का सिंह (42) के दादा दो भाई है और उनमें सगे दादा निछतर सिंह बड़े हैं। निक्का के दो बड़े भाई हैं औ वह दो बेटे (5 और 7 साल) के पिता थे। निक्का शराब ठेका संचालक की हत्या के मामले में जेल गया हुआ था। कोर्ट ने उसे इस मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह करीब डेढ-दो साल से जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ था। हत्या केस में उसके दादा भी नामजद हैं।
सिरसा में कांग्रेस नेता के पोते निक्का हत्याकांड में खुलासा:17 दिन बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार; बदला लेने के लिए रची साजिश
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