सोनीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। नगर निगम सोनीपत ने हड़ताल में शामिल 15 पेरोल सफाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। इनमें 13 महिलाएं और दो पुरुष कर्मचारी शामिल हैं। निगम ने इन कर्मचारियों पर बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, हड़ताल में शामिल होने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने 13 मई के समझौते के तहत 22 सूत्रीय मांग पत्र में से 17 मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन आज तक इन मांगों को लागू करने के संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों के अनुसार, 13 हजार सफाई कर्मचारियों और 1200 फायर कर्मचारियों को पक्का करना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठन की ओर से सरकार को 30 जून तक मांगें लागू करने का समय दिया गया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार लिखित पत्र जारी नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जानिए क्यों हुई कार्रवाई… बताया जा रहा है कि सोनीपत नगर निगम ने 15 पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। इनमें 13 महिलाएं और दो पुरुष कर्मचारी बताए गए हैं। निगम के आदेश के अनुसार कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने और ड्यूटी पर लौटने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने औरड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने के बाद यह कार्रवाई की गई। सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप नगर निगम के आदेश में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी न केवल स्वयं ड्यूटी नहीं कर रहे थे, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी काम करने से रोक रहे थे। इसके अलावा सफाई वाहनों और सरकारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। निगम ने इस संबंध में सिविल लाइन थाना सोनीपत में एफआईआर दर्ज होने का उल्लेख किया है। एफआईआर संख्या 0262 दिनांक 1 सितंबर 2026 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज बताया गया है। आवश्यक सेवा का हवाला देकर निगम ने की कार्रवाई नगर निगम ने अपने आदेश में सफाई व्यवस्था को आवश्यक सेवा बताते हुए कहा है कि शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखना निगम की जिम्मेदारी है। आदेश के मुताबिक कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण सफाई कार्य प्रभावित हुआ और शहर में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ी। निगम ने इसे अनुशासनहीनता और सेवा इकरारनामे की शर्तों का उल्लंघन माना है। सेवाएं समाप्त करने के आदेश में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 18 अगस्त 2026 के आदेश का भी हवाला दिया गया है। निगम के अनुसार सिविल रिट संख्या 229 ऑफ 2026 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शहरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। निगम ने इसी आधार पर सफाई व्यवस्था बाधित करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को उचित बताया है। अब जानिए, कर्मचाारियों ने क्या कहा… राजीव कुमार खत्री ने कहा कि 13 मई को हुए समझौते में कर्मचारियों की ओर से 22 सूत्रीय मांग पत्र रखा गया था। इनमें से 17 मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनी थी। संगठन ने सरकार को मांगों को लागू करने के लिए 30 जून तक का समय दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद सरकार की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार मौखिक रूप से मांगें स्वीकार करने की बात कह रही है, लेकिन कर्मचारियों को लिखित आदेश चाहिए। कर्मचारियों को पक्का करने की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांग प्रदेश के करीब 13 हजार सफाई कर्मचारियों और 1200 फायर कर्मचारियों को पक्का करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें कच्चे कर्मचारी के तौर पर काम करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार ने स्थायी करने का आश्वासन तो दिया, लेकिन उसे लागू करने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2014 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। उनका कहना है कि वे किसी विवाद के लिए नहीं बल्कि अपने अधिकारों और नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। एफआईआर और गिरफ्तारी को लेकर भी विरोध कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान दर्ज की गई एफआईआर और गिरफ्तारी पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी अपने हक की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। कर्मचारियों के अनुसार फायर कर्मचारी ओम प्रकाश को जेल भेजा गया है, जबकि नगर निगम में पालिका रोल पर कार्यरत दो सफाई कर्मचारी राजा और रविंदर भी कार्रवाई की जद में हैं। बाकी कई कर्मचारी ठेका आधार पर कार्यरत हैं।
सोनीपत नगर निगम ने 15 पेरोल सफाई कर्मचारियों को हटाया:हड़ताल में शामिल 13 महिलाएं और 2 पुरुष; सरकारी काम में बाधा का लगाया आरोप
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