हिसार एयरपोर्ट पर ड्रोन और हेलिकॉप्टर होंगे रिपेयर:15 साल के लिए HADCL लीज पर देगा 3 बड़े हैंगर; कमाई करेगी सरकार

हरियाणा में एविएशन सेक्टर को नए पंख लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HADCL) ने हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर निर्मित 3 बड़े एयरक्राफ्ट हैंगर्स और ऑफिस स्पेस को लीज या रेंटल बेसिस पर अलॉट करने की तैयारी कर ली है, इसके लिए टेंडर लगाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिसार एयरपोर्ट को छोटे विमानों, ड्रोन की असेंबली, निर्माण और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहाल (MRO) सुविधाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी DGCA की मंजूरी के तहत इस स्पेस का उपयोग केवल विमानन गतिविधियों के लिए किया जाएगा। छोटे एयरक्राफ्ट, ड्रोन और गायरोकॉप्टर का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके अलावा एयरक्राफ्ट का MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल), एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस स्टाफ और संबंधित एविएशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का संचालन और हेलिकॉप्टर, एक्टिव एयरक्राफ्ट और ड्रोन की पार्किंग हो सकेगी। 3 प्रमुख बिंदुओं में समझें पूरी योजना… 1. 15 साल की लीज और 5 साल का एक्सटेंशन: चयनित कंपनियों को 15 वर्षों के लिए लीज पर स्पेस अलॉट किया जाएगा, जिसे आपसी सहमति से अगले 5 वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकता है। हर साल लीज फीस में 5% की बढ़ोतरी होगी। 2. 8670 वर्ग मीटर का विशाल क्षेत्र: एयरपोर्ट पर कुल 3 हैंगर उपलब्ध हैं। प्रत्येक हैंगर में 1850 वर्ग मीटर का हैंगर स्पेस और 1040 वर्ग मीटर का ऑफिस/एडमिन स्पेस शामिल है। यानी एक हैंगर का कुल एरिया 2890 वर्ग मीटर है। 3. 28 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन: ऑनलाइन बिड जमा करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 (शाम 5:00 बजे तक) तय की गई है। 29 सितंबर को टेक्निकल बिड खोली जाएगी। टेंडर के लिए ये रहेंगी शर्तें… नॉन-एसी स्पेस के लिए बेस रेट ₹720 प्रति वर्ग मीटर प्रति माह (जीएसटी अलग से) तय किया गया है। आवेदन करने वाली कंपनी का पिछले 3 वर्षों (FY 2022-23 से 2024-25) का औसत वार्षिक टर्नओवर कम से कम ₹15 करोड़ होना अनिवार्य है। आवेदक कंपनी के पास एयर ऑपरेटर्स, FTO, MRO या एयरक्राफ्ट, ड्रोन असेंबली के क्षेत्र में कम से कम 3 साल का अनुभव होना चाहिए। प्रत्येक सिंगल हैंगर के लिए ₹25 लाख EMD (बयाना राशि) जमा करनी होगी। सफल बिडर को 6 महीने के किराये के बराबर परफॉर्मेंस बैंक गारंटी देनी होगी। अलॉटमेंट पाने वाली विदेशी या भारतीय कंपनी को अनुबंध हस्ताक्षर के 180 दिनों के भीतर हरियाणा राज्य में अपना रजिस्टर्ड ऑफिस खोलना होगा।