कंधे से कटा पूरा हाथ, युवक जुड़वाने अस्पताल पहुंचा:रोहतक में डॉक्टरों ने 7 घंटे चली सर्जरी के बाद जोड़ा; मूवमेंट करने लगा

हरियाणा के गोहाना में मशीन में हाथ कटने के बाद युवक अपने साथियों के साथ कटा हुआ हाथ लेकर खानपुर PGI पहुंचा। हाथ कंधे के पास से पूरी तरह अलग हो चुका था। युवक को डॉक्टरों ने रोहतक रेफर कर दिया। परिवार उसे प्राइवेट अस्पताल में ले गया। करीब 7 घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने हाथ को दोबारा जोड़ दिया। अब हाथ में खून का प्रवाह सामान्य है और उसकी मूवमेंट भी हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, हाथ को पूरी तरह सामान्य होने में करीब डेढ़ साल लग सकता है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… मरीज को देखते ही इलाज शुरू किया प्राइवेट अस्पताल के प्लास्टिक एवं माइक्रोवैस्कुलर सर्जन डॉ. क्षितिज ढुल ने बताया कि सोमवार रात करीब 1 बजे गोहाना के गांव छतेहरा निवासी राजपाल यादव अस्पताल पहुंचा। उसका हाथ कंधे के पास से अलग हो गया था। वह अपने साथ कटा हुआ हाथ भी लेकर आया था। मरीज की हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया गया और रात करीब 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। उस समय जिन मरीजों की सर्जरी लाइन में थी, उन्हें स्थगित कर राजपाल को प्राथमिकता दी गई। पहले हड्डी जोड़ी, फिर नसों और मांसपेशियों की मरम्मत ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सर्जरी में सबसे पहले हाथ की हड्डी को स्थिर कर मजबूत ढांचा तैयार किया गया। इसके बाद नसों और मांसपेशियों की मरम्मत की गई। बाल से भी बारीक नसों को जोड़कर हाथ में खून का प्रवाह शुरू किया गया। हाथ में अब सामान्य रूप से खून का संचार हो रहा है और उंगलियों तक भी रक्त प्रवाह पहुंच रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में हाथ की मूवमेंट भी कराई जा रही है। मरीज की हालत ठीक है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा। डेढ़ साल में पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद डॉक्टरों के अनुसार, कंधे से उंगलियों तक की बारीक नसों को जोड़ा गया है। इन्हें पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा। राजपाल को पूरी तरह रिकवर होने में करीब डेढ़ साल लग सकता है। इसके बाद उसके हाथ की कार्यक्षमता पहले जैसी होने की उम्मीद है। मशीन में काम करते समय हुआ हादसा राजपाल के परिजनों के मुताबिक, वह रात में कंपनी में मशीन पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ मशीन में आ गया और कंधे के पास से कटकर अलग हो गया। परिजन उसे पहले खानपुर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद रात करीब 1 बजे उसे रोहतक के प्राइवेट अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 7 घंटे की सर्जरी कर हाथ दोबारा जोड़ दिया।