हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव बेवल में खेल-खेल में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के समय बच्चे के माता-पिता मजदूरी करने गए हुए थे, जबकि दोनों बेटे घर पर अकेले थे। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस को दिए बयान में उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं के गांव सुरेनी पापड़ी निवासी अमरपाल ने बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से परिवार सहित गांव बेवल में किराए के मकान में रहते हैं और वह मजदूरी करता है। उसके परिवार में पत्नी मोहरकली तथा दो बेटे शुभम (12) और गौतम (8) थे। खूंटी से लटका मिला था बच्चे का शव अमरपाल ने बताया कि घटना के समय वह और उसकी पत्नी मजदूरी पर गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें गांव के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसमें छोटे बेटे गौतम ने बताया कि उसका बड़ा भाई शुभम बरामदे में लगी खूंटी से लटका हुआ है। सूचना मिलते ही दोनों घर पहुंचे तो देखा कि शुभम को खूंटी से उतारकर चारपाई पर लिटाया गया था, लेकिन तब तक उसकी सांसें बंद हो चुकी थीं। भाई पानी लेने गया था, आने पर दरवाजा मिला बंद छोटे बेटे गौतम ने बताया कि वह पानी लेने बाहर गया था। लौटकर आया तो घर का दरवाजा बंद मिला। वह छत वाले दरवाजे से अंदर पहुंचा, जहां बड़े भाई को चुन्नी के फंदे से खूंटी पर लटका देखा। उसने किसी तरह फंदे से उतारकर उसे खाट पर लिटा दिया। परिजन बोले- चुन्नी में गला घुंटने से हुई मौत परिजनों के अनुसार, शुभम खेलते समय खूंटी पर टंगी चुन्नी गले में डालकर खेल रहा था। इसी दौरान फंदा कसने से दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने किसी पर भी संदेह नहीं जताया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नारनौल में बच्चे की मौत, खूंटी पर लटका मिला शव:माता-पिता गए थे बाहर; परिजन बोले- खेलते समय चुन्नी से गला घुंटने से मौत