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धर्मशाला में सरकारी जमीन घोटाले में 42 पर FIR:हेरफेर कर निजी नामों पर चढ़ाई गई थी जमीन; नामजद आरोपी को मिली जमानत

धर्मशाला के घनियारा इलाके में सरकारी जमीन को निजी नामों पर चढ़ाने और बेचने के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (SV ACB) धर्मशाला ने 42 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। विजिलेंस की जांच में सामने आया है कि करीब 88 कनाल से ज्यादा सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इसे निजी नामों पर चढ़ाकर बाद में रजिस्ट्री और गिफ्ट डीड के जरिए आगे बेचा गया। आरोप है कि हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 104 के नियमों को अनदेखा किया गया। सरकारी जमीन को पहले निजी काश्तकारों के नाम इंतकाल के जरिए चढ़ाया गया। इसके बाद इस जमीन को अलग-अलग लोगों के नाम ट्रांसफर किया गया। 2019 और 2020 में दर्ज हुए कई इंतकाल अब विजिलेंस की जांच के दायरे में हैं। इस मामले में नामजद आरोपी नेक राम को शनिवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। एसपी विजिलेंस रमन शर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विजिलेंस थाना धर्मशाला में FIR दर्ज है और इसमें कुल 42 आरोपी बनाए गए हैं। नेक राम के वकील अंकुर सोनी ने बताया कि उनके मुवक्किल को अदालत से जमानत मिल गई है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की कॉपी मिलने के बाद मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी। रजिस्ट्री, गिफ्ट डीड और दूसरे दस्तावेजों के जरिए जमीन ट्रांसफर विजिलेंस के मुताबिक, जांच में जमीन के ट्रांसफर का एक तरीका सामने आया है। सरकारी खाते में दर्ज जमीन को पहले निजी लोगों के नाम दर्ज कराया गया। इसके बाद रजिस्ट्री, गिफ्ट डीड और दूसरे दस्तावेजों के जरिए जमीन आगे ट्रांसफर की गई। कुछ मामलों में जमीन एक से ज्यादा बार ट्रांसफर हुई है, यह बात भी जांच में सामने आई है। इंतकाल और ट्रांसफर की प्रक्रिया अब जांच के दायरे में जांच में घनियारा इलाके के 3 महालों का रिकॉर्ड सामने आया है। इनमें चकबन घनियारा में करीब 84 कनाल (03-24-06 हेक्टेयर), मोहली लाहड़ा दी में करीब 3 कनाल (00-12-32 हेक्टेयर) और तेहड़ में करीब 17 मरले (00-03-29 हेक्टेयर) जमीन शामिल है। इन जमीनों के इंतकाल और उसके बाद हुए ट्रांसफर की प्रक्रिया अब जांच के दायरे में है।