मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा के गांव कराईवाला में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज लड़की के परिवार वालों ने पहले युवक और उसके परिवार पर तेजधार हथियारों से हमला किया और बाद में साढ़े 5 महीने की प्रेग्नेंट महिला को अगवा कर जान से मारने की नीयत से नहर में फेंक दिया। गनीमत रही लड़की बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार एक ही गांव के युवक-युवती ने करीब 3 साल पहले प्रेम विवाह करवाया था था। युवक मजहबी सिख समुदाय से संबंधित है, जबकि युवती जट्ट सिख परिवार से है। आरोप है कि युवती के परिवार को यह विवाह मंजूर नहीं था। पीड़ित सतनाम सिंह के अनुसार, 2 दिन पहले युवती के परिवार के करीब 10-12 लोगों ने उनके घर पर तलवारों और कृपाणों से हमला कर दिया। हमले में उसके सिर और हाथ पर चोटें आईं, जबकि उसकी बुजुर्ग मां के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावर उसकी पत्नी अमृतप्रीत को जबरन गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। महिला किसी तरह नहर से बाहर निकलने में कामयाब रही पीड़ितों का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब साढ़े सात बजे अमृतप्रीत को उसके पिता और भाइयों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से नहर में फेंक दिया। महिला किसी तरह नहर से बाहर निकलने में कामयाब रही और गांव के सरपंच की मदद से अस्पताल पहुंची। पीड़ित दंपती ने इस पूरे मामले में गांव के सरपंच पर भी आरोपियों को कथित तौर पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पुलिस बोली-आरोपियों की तलाश में कर रहे रेड इस मामले गिद्दड़बाहा के डीएसपी जतिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने महिला के बयानों के आधार पर उसके पिता समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मुक्तसर में परिवार ने प्रेग्नेट बेटी को नहर में फेंका:इंटर-कास्ट मैरिज से खफा था परिवार; दामाद पर तेजधार हथियारों से किया हमला
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