कांग्रेस के नवनियुक्त पंजाब मामलों के प्रभारी एवं महासचिव सचिन पायलट ने राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर राज्य में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। पायलट ने स्पष्ट किया कि पंजाब के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन में एकजुट होकर काम करने का आश्वासन दिया है। सचिन पायलट ने बताया कि उन्होंने राज्य के शीर्ष नेताओं से बातचीत की है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पार्टी के भावी रोडमैप और राज्य में संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में ठोस रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी। सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है दरअसल, सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दिल्ली में बैठक के बाद एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता संगठन को नीचे से लेकर ऊपर तक मजबूत करना और सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है। पायलट ने कहा कि पंजाब में पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता एकजुट है और वे मिलकर राज्य की जनता के मुद्दों को उठाएंगे। सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएंगे इंटरव्यू के दौरान पायलट ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाना और कांग्रेस के जनाधार को फिर से मजबूत करना उनकी मुख्य रणनीति का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर पार्टी पूरी मजबूती से आगे बढ़ेगी। पार्टी के सामने गुटबाजी खत्म करने की चुनौती पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद सचिन पायलट के सामने राज्य इकाई में जारी गुटबाजी को खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती है। विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रहे मतभेदों को सुलझाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
सचिन पायलट बोले- पंजाब कांग्रेस में जल्द खत्म होगी गुटबाजी:चन्नी ने सहयोग का भरोसा दिया, सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है
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