जलालाबाद में देर रात अवैध खनन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी के विधायक गोल्डी कंबोज ने पुलिस बल के साथ तंबू वाला से तारे वाला ड्रेन पर रात करीब सवा एक बजे अचानक छापेमारी कर अवैध माइनिंग रोकने का दावा किया है, तो दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज ने इस कार्रवाई पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा का आरोप है कि विधायक पिछले साढ़े चार वर्षों तक खुद अवैध माइनिंग करवाते रहे और अब चुनाव नजदीक आते देख जनता का ध्यान भटकाने के लिए छापेमारी का ड्रामा रच रहे हैं। विधायक गोल्डी कंबोज के अनुसार, उन्हें तंबू वाला से तारे वाला जाने वाली ड्रेन पर अवैध माइनिंग की सूचना मिली थी। इसके बाद वे पुलिस टीम के साथ मंगलवार देर रात लगभग 1:15 बजे मौके पर पहुंचे। छापेमारी के दौरान मौके पर रेत का अवैध खनन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन ट्रैक्टर, एक खाली ट्रॉली, रेत से भरा एक ट्राला, एक कार, एक मोटरसाइकिल और माइनिंग में लगी जेसीबी मशीनें बरामद कीं।
मामले की जानकारी देते हुए थाना वैरोका के एसएचओ प्रगट सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से मिले सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुखविंदर सिंह काका कंबोज ने विधायक गोल्डी कंबोज की अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक पिछले साढ़े चार वर्षों तक खुद अवैध माइनिंग करवाते रहे और अब चुनाव नजदीक आते देख जनता का ध्यान भटकाने के लिए छापेमारी का ड्रामा रच रहे हैं। काका कंबोज ने कहा कि यदि विधायक वास्तव में अवैध माइनिंग के खिलाफ गंभीर हैं तो उन्हें पहले अपने कार्यकाल के दौरान हुई गतिविधियों का जवाब देना चाहिए। भाजपा ने कार्रवाई को लेकर विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दिखावा बताया। रेड के दौरान विधायक ने विरोधी दलों पर हमला बोलते हुए तंज कसा कि अब आपका मुर्गा पकड़ लिया गया है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी पर बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को बयानबाजी से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। विधायक ने मौके पर ही अपने मोबाइल में बराड़ तारे वाला नाम की सोशल मीडिया आईडी सर्च करके एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि अवैध खनन में शामिल संबंधित व्यक्ति अकाली दल से जुड़ा नेता है।