सुबह 9 बजे जो लोग अपने घरों से दफ्तरों, काम-धंधों या अस्पतालों के लिए निकले थे, उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि सुबह 9:30 बजे पूरा शहर और नेशनल हाईवे 6 घंटे के लिए ठप हो जाएगा। बाबा साहेब की प्रतिमा की बेअदबी के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को दूध से धोया, नमन किया और हाईवे पर दरियां बिछाकर बैठ गए। इसके बाद पुलिस ने जगराओं ब्रिज से जालंधर बाईपास रोड, सलेम टाबरी थाने के पास और जालंधर बाईपास एंट्री पर बैरिकेड्स लगाकर पूरे इलाके को सील कर दिया। जालंधर से लुधियाना एंट्री पर प्रदर्शन शुरू होते ही फ्लाईओवर के ऊपर दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर की तरफ से आने वाला सारा ट्रैफिक थम गया। शाम 3 बजकर 30 मिनट पर ट्रैफिक शुरू हुआ। बहुजन समाज पार्टी के नेता बलविंदर सिंह ने बताया कि एक महीना पहले जब प्रतिमा के शीशे को तोड़ा गया था उस समय ही पुलिस सही तरह से एक्शन लेती तो आज ऐसा जाम ना लगता। उन्होंने बताया कि विधायकों और पुलिस प्रशासन की नाकामी के कारण दोबारा बाबा साहेब की प्रतिमा को अपमानित किया गया है। अब प्रशासन 15 कैमरे लगा रही है। अगर उस दिन कैमरे लगे होते तो यह हरकत न होती। उन्होंने बताया कि वीरवार को सुबह 11 बजे पुलिस कमिश्नर के साथ मीटिंग का फैसला किया गया। उसके बाद संघर्ष कमेटी आगे का प्लान जारी करेगी। संगत फंसी : बच्चों-महिलाओं को प्राइवेट टैक्सी से भेजा मजबूरी : ट्रक ड्राइवर ने गाड़ी के नीचे बिताए 6 घंटे सड़क पर वाहन लगा रास्ता ब्लॉक किया। दोहरा नुकसान: सवारियां वापस, बस का इंधन भी फूंका जाम में फंसी स्कूल वैन। स्कूल बसें भी जाम में फंसी, पेरेंट्स को बुला कर बच्चे घर भेजे लुधियाना मंडी में माल छोड़ने आए ट्रक ड्राइवर जय राम भीषण गर्मी से बेहाल होकर ट्रक के नीचे ही चटाई बिछाकर लेट गए। सरकार को हाईवे जाम करने पर सख्त रोक लगानी चाहिए। किसी को इमरजेंसी काम होता है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं, विजय कुमार अपने डॉग को डॉक्टर के पास चेकअप के लिए ले गए थे। वापसी में जालंधर बाईपास के पास जाम में फंस गए। गाड़ी में पेट्रोल कम होने से एसी नहीं चला पा रहे थे, जबकि उनका डॉग बिना एसी के रह ही नहीं सकता। बीसीएम स्कूल की बसें जाम में फंस गई। बस के ड्राइवरों कश्मीर सिंह और हरजीत सिंह ने स्कूल के बच्चों को उनके पेरेंट्स को बुला कर घर भेज दिया। उन्होंने बताया कि जब 40 मिनट तक समराला चौक के पास स्कूल बस जाम में फंस गई और बच्चों को गर्मी से बुरा हाल होने लगा तो उन्होंने सभी पेरेंट्स को फोन कर बच्चों को ले जाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बस फ्लाई ओवर के ऊपर ही खड़ी करके वो भी घर चले गए थे। शाम को जाम खुलने से पहले वो मौके पर पहुंचे और खाली बस लेकर चले गए। पटियाला से 47 लोगों की संगत के साथ ब्यास सेवा के लिए निकले कुलविंदर सिंह 6 घंटे तक जाम में फंसे रहे। कुलविंदर ने बताया, हमारे साथ महिलाएं और छोटे बच्चे हैं। सुबह 10 बजे से पेड़ के नीचे बैठे हैं। शाम 5 बजे तक सेवा खत्म हो जाती है, लेकिन 3 बजे तक हम यहीं फंसे रहे। पंजाब सरकार और पुलिस की नाकामी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। आखिरकार मजबूरी में उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए प्राइवेट टैक्सी करवाकर आगे भेजा। अमृतसर जा रही बस के ड्राइवर राजिंदर कुमार ने बताया कि उनकी बस में 40 सवारियां बैठी थीं। जाम में फंसने के बाद सभी सवारियों को टिकट के पैसे वापस (रिफंड) करने पड़े। राजिंदर बोले एक तो सवारियां उतरकर चली गईं, दूसरा वापसी के चक्कर का नुकसान हुआ। भीषण गर्मी में घंटों गाड़ियां स्टार्ट रखने से डीजल फूंका सो अलग।
पुलिस की गलती, 6 घंटे सड़क पर जनता तड़पी