राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल मंगलवार को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में मोहनजीत सिंह का हालचाल पूछा। मोहनजीत सिंह शेरों गांव में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। पीड़ित से मिलने के बाद ग्रेवाल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह लोकतंत्र और इंसानियत दोनों पर दाग है। मीडिया से बात करते हुए ग्रेवाल ने बताया कि मोहनजीत सिंह का बयान आयोग के पास दर्ज है। संबंधित अधिकारियों से भी बात हो चुकी है। अब आयोग पीड़ित के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और दूसरे तथ्यों का विश्लेषण करेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ कानून से बाहर जाकर मारपीट या अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि अगर किसी पुलिस अधिकारी ने मामले को दबाने या पीड़ित परिवार को डराने की कोशिश की है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ अधिकारियों को निलंबित या ट्रांसफर कर देना काफी नहीं है। अगर जांच में दोष साबित होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज होना चाहिए। पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आयोग इस मामले की रिपोर्ट केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और दूसरी संबंधित संस्थाओं को भी भेजेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय होना बहुत जरूरी है।
अल्पसंख्यक आयोग चेयरमैन ने पुलिस को लगाई फटकार:हिरासत में घायल मोहनजीत से पटियाला में मिले ग्रेवाल; कहा-मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे
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