धर्मशाला में कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज (टांडा) के विस्तार और विभिन्न केंद्रीय व राज्य योजनाओं की समीक्षा की गई। यह कॉलेज प्रदेश की 54 प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। बैठक में टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी और नए बैचों के विस्तार के लिए 78 कनाल जमीन की पैमाइश पूरी हो गई है। जमीन अधिग्रहण का मामला सरकार को भेजा जा चुका है। तीन साल पहले इसकी लागत करीब 78 करोड़ रुपए थी। प्रिंसिपल ने बताया कि नए सत्र से बीएससी नर्सिंग की 100 सीटें, पैरामेडिकल (MLT, OT, रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी) की 200 सीटें और केंद्र के सहयोग से पीजी की 60-70 सीटें शुरू हो रही हैं। इसके लिए कम से कम 1500 क्षमता वाले हॉस्टल और कैंपस विस्तार की तुरंत जरूरत है। देनदारी के कारण आई थी रुकावट : प्रिंसिपल प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि वेंडरों की देनदारी के कारण हिमकेयर योजना में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी। हालांकि, पिछले 10 दिनों से यह योजना पूरी तरह बहाल कर दी गई है। वेंडरों का 40 से 80 करोड़ रुपये का भुगतान धीरे-धीरे किया जा रहा है। अस्पताल में 160 नई नर्सों ने काम संभाल लिया है। बाकी 320 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मदर एंड चाइल्ड विंग की बिल्डिंग तैयार है। नए उपकरणों के लिए सरकार से 3 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। इसके अलावा, टांडा में 245 सफल रोबोटिक सर्जरी हुई हैं। 25 से ज्यादा रीनल ट्रांसप्लांट किए गए हैं, जिनकी सफलता दर 95% है। प्रदेश में पहली बार इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के तहत वेरिकोज वेन का लेजर एब्लेशन भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। सांसद निधि के कार्यों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सांसद निधि के कार्यों को तुरंत पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि धरातल पर 80% काम हुआ है, जबकि पोर्टल पर सिर्फ 44% दिख रहा है। सांसद ने टांडा मेडिकल कॉलेज के विस्तार के मामले को उच्च स्तर पर हल करवाने का भरोसा भी दिया। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि जिस तत्परता से सांसद निधि के कार्य धरातल पर किए गए हैं, उन्हें केंद्र सरकार के पोर्टल पर भी तत्काल अपडेट किया जाए। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि हमारी वास्तविक परफॉर्मेंस धरातल पर 80 प्रतिशत से भी अधिक है, लेकिन पोर्टल पर अभी यह केवल 44 प्रतिशत ही प्रदर्शित हो रही है, हालांकि यह आंकड़ा भी प्रदेश में सबसे बेहतर है। उन्होंने सभी विकास कार्यों की सटीक डिजिटल एंट्री सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
कांगड़ा में आयुष्मान और हिमकेयर योजनाएं बहाल:दिशा की मीटिंग में सांसद बोले- धरातल पर 80% काम, पोर्टल पर 44% दिख रहा
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