गुरदासपुर के भरियाल (मकौड़ा) पत्तन पर रावी दरिया पार करवाने वाले नाविकों की मनमानी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरिया पार बसे करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए नाव सेवा ही आवाजाही का एकमात्र मुख्य साधन है। हालांकि, नाविकों द्वारा निर्धारित समय से पहले ही नाव सेवा बंद करने और फोन स्विच ऑफ कर लेने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित कई लोग दरिया किनारे फंसे रहे। इससे गुस्साई एक लड़की ने रावी किनारे फंसे लोगों का वीडियो वायरल कर परेशानी बताई। इसके बावजूद सरकारी मदद नहीं मिली। बाद में सरबत दा भला सोसायटी के अध्यक्ष टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रावी किनारे फंसे लोगों को देर रात दरिया पार करवाकर उनके घरों तक पहुंचाया। समय से पहले नाव और फोन बंद करने का आरोप ग्रामीणों और दरिया किनारे फंसे लोगों ने एक वीडियो बनाकर परेशानी बयां की। लड़की के अनुसार, नाव चलने का तय समय शाम 7 बजे तक का है। नाविक शाम 5:30 बजे से पहले ही नाव लेकर चले जाते हैं। जब लोगों ने मुख्य नाविक को फोन किया तो उसने यह देखकर कि फोन दरिया पार से आ रहा है मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। लोगों ने आरोप लगाया कि जब से नाविकों को यह पता चला है कि यहां पुल बनने वाला है, तब से वे लापरवाही बरत रहे हैं। 5 से 5:30 बजे के बीच ही काम छोड़कर चले जाते हैं। लड़की ने कहा कि दरिया के दोनों तरफ कई ग्रामीण, स्कूली बच्चे, महिलाएं और दुपहिया वाहन चालक फंसे रहते हैं, जिन्हें शहर से लौटते समय देर हो जाती है। सरबत दा भला वेलफेयर सोसायटी बनी मददगार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ‘सरबत दा भला वेलफेयर सोसायटी’ के प्रमुख विक्रमजीत सिंह टीम के सदस्यों के साथ गुरुवार देर रात मकौड़ा/परियाल पत्तन पहुंचे। सोसायटी ने निजी नाव के जरिए दरिया किनारे फंसे लोगों को सुरक्षित दरिया पार करवाकर उनकी मंजिल तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने सोसायटी का धन्यवाद किया। नाविकों की सफाई और ग्रामीणों की मांग
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