हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड के संदर्भ में चर्चा में आए राकेश उर्फ पंपू की सुरक्षा को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति नीरजा के. कलसन की कोर्ट ने 3 सितंबर को राकेश की आपराधिक रिट याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि जब भी उसे हरियाणा की किसी कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जाए, तो उसके वाहन के साथ पर्याप्त संख्या में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं। कोर्ट ने यह व्यवस्था किसी अप्रिय घटना को रोकने और राकेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कही है। राकेश उर्फ पंपू फिलहाल करनाल जेल में बंद है। वह थाना बहालगढ़, जिला सोनीपत में 27 फरवरी 2025 को दर्ज मामले में न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(2), 3(5) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत केस दर्ज है। राकेश की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमन पाल ने अधिवक्ता जपसेहज सिंह के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुशील भारद्वाज कोर्ट में पेश हुए। 2017 में पेशी के दौरान लगी थीं 3 गोलियां याचिका में राकेश की ओर से बताया गया कि 5 दिसंबर 2017 को उसे कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उस पर गोली चला दी थी। इस हमले में उसे तीन गोलियां लगी थीं। घटना को लेकर राजस्थान के बूंदी जिले के कोतवाली बूंदी थाने में एफआईआर नंबर 585 दर्ज की गई थी। राकेश ने उस घटना के बाद भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस समय कोर्ट ने उसे पेशी के लिए ले जाते समय पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अंकित बालियान हत्याकांड का याचिका में हवाला हालिया अंकित बालियान हत्याकांड का भी राकेश की ओर से दायर याचिका में हवाला दिया गया। याचिका में कहा गया कि मामले में आर्यन और सत्यम नाम के दो आरोपियों को पकड़ा गया है, जबकि सुमित और मोहित के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी है। राकेश की ओर से उसके वकील ने कोर्ट को बताया कि शामली के पुलिस अधीक्षक ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि राकेश को हत्याकांड की जांच में शामिल किया जाएगा। इसी आधार पर राकेश ने आशंका जताई कि उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जेल से उत्तर प्रदेश ले जाया जा सकता है और वहां उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। 31 अगस्त को अधिकारियों को दिया था आवेदन याचिका के अनुसार, राकेश ने सुरक्षा को लेकर 31 अगस्त को संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया था। आरोप लगाया गया कि इस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हिरासत में रहते हुए उसके जीवन और शारीरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। याचिका में पुलिस हिरासत से पहले और बाद में मेडिकल जांच कराने तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग भी की गई थी। यूपी में पेशी पर वहां की कोर्ट से मांग सकता है सुरक्षा हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य रूप से हरियाणा की अदालतों में पेशी के दौरान सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने करनाल के पुलिस अधीक्षक और जिला जेल करनाल के जेल अधीक्षक को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राकेश को उत्तर प्रदेश की किसी कोर्ट में पेश किया जाता है तो वह वहां अपनी सुरक्षा को लेकर संबंधित कोर्ट के समक्ष उचित निर्देश देने की मांग कर सकता है। इसी बीच सोमवार को यूपी पुलिस की ओर से राकेश उर्फ पंपू को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया गया। इस पर यूपी की कोर्ट ने 10 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की है।
राकेश उर्फ पंपू की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त:हरियाणा में कोर्ट पेशी के दौरान सशस्त्र सुरक्षा देने के निर्देश; अंकित बालियान हत्याकांड से चर्चा में
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