हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर सीबीएसई स्कूल की प्रिंसिपल मंजरी महाजन को शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। मंजरी महाजन ने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, नई तकनीक से पढ़ाई और सभी बच्चों की भागीदारी के लिए काम किया हैं। इसके अलावा स्कूल में कचरे का बेहतर प्रबंधन, कचरे का सेग्रीगेशन, प्लास्टिक कलेक्शन और उसे पंचायत में जमा करवाने के साथ साथ प्लास्टिक फ्री कैंपस बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके आधार पर उनका चयन नेशनल टीचर अवॉर्ड के लिए किया गया। गवर्नर ने स्टेट टीचर अवार्ड से नवाजे 31 शिक्षक वहीं, हिमाचल के गवर्नर कविंद्र गुप्ता ने 31 शिक्षकों को ‘स्टेट टीचर अवॉर्ड’ से नवाजा। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे।स्कूल शिक्षा विभाग के 21 शिक्षकों, उच्च शिक्षा विभाग के 5 टीचर एवं प्रिंसिपल तथा टेक्नीकल एजुकेशन के 5 अध्यापकों को यह पुरस्कार दिया गया। एजुकेशन सेक्रेटरी राकेश कंवर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने और विद्यार्थियों की पढ़ाई में विशेष रुचि दिखाने वाले शिक्षकों का इस अवार्ड के लिए चयन किया गया है। चयन के वक्त सभी मापदंडो का ध्यान रखा गया है। विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी: राज्यपाल इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं है। इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, शोध और चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक के दौर में शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीक शिक्षण प्रक्रिया में मदद कर सकती है, लेकिन शिक्षक से मिलने वाली प्रेरणा, मार्गदर्शन, स्नेह और संस्कार की जगह नहीं ले सकती। वीरेंद्र चौहान के अवॉर्ड पर सवाल वहीं शिक्षा विभाग के दावों पर कुछ टीचरों ने सवाल उठाए। खासकर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शिमला के प्रिंसिपल वीरेंद्र चौहान के चयन पर सवाल उठाए गए।गवर्नर को लिखे पत्र में दावा किया गया कि वीरेंद्र चौहान का नाम 29 अगस्त 2025 को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों की लिस्ट में नहीं था। इसके बावजूद उनका नाम बाद में टीचर अवॉर्ड वाली लिस्ट में शामिल किया गया। 11 टीचरों द्वारा गवर्नर को लिखे पत्र में इसकी जांच की मांग की गई है। चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने के आरोप शिक्षकों ने राज्यपाल को भेजे पत्र में चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, निर्धारित पात्रता और श्रेणीवार मानदंडों का समान रूप से पालन नहीं होने की बात कही है। उन्होंने पूरे चयन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी आपत्ति किसी चयनित शिक्षक के खिलाफ नहीं है, बल्कि चयन प्रक्रिया, पात्रता और निर्धारित मानदंडों के समान रूप से लागू होने को लेकर है। दूसरे राज्य शिक्षक पुरस्कार पर भी सवाल टीचरों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार पहले राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षक को दोबारा यह पुरस्कार देने की पात्रता नहीं है। इसके बावजूद JBT सृष्टि शर्मा को दूसरी बार राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने का दावा किया गया है। शिक्षकों ने इस मामले में संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि ऐसा हुआ है तो पात्रता की शर्त किस आधार पर लागू की गई। टीचर डे अवार्ड के PHOTOS…
राष्ट्रपति ने हिमाचल की मंजरी को नेशनल टीचर अवॉर्ड दिया:गवर्नर ने 31 टीचरों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से नवाजा; वीरेंद्र चौहान के चयन पर बवाल
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