जम्मू-कश्मीर के राजौरी में करंट लगने से शहीद हुए हरियाणा के सिरसा जिले के आर्मी जवान सुखचैन सिंह का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। पांच साल के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले घर पर अंतिम दर्शनों के लिए जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा तो भारत माता की जय, वंदेमातरम्, सुखचैन फौजी अमर रहे के नारे गूंज उठे। परिवार ने रोते-बिलखते हुए शहीद के अंतिम दर्शन किया। इस दौरान पत्नी निर्मल कौर हाथ जोड़कर बोलीं- हमें नहीं पता बॉक्स में कौन है, हमने तो अंतिम दर्शन किए हैं। बेटे को भी पिता के बारे में कुछ पता नहीं है, वह तो बाकी फौजियों में ही अपने पिता को तलाश रहा है। इन सेना वालों को ही पता है कि बॉक्स में क्या है। उधर, बेटे से जब पिता के बारे में सवाल पूछा गया तो उसने कहा- जब पापा आएंगे तो शिकायत करूंगा कि सब तंग करते है, मारते रहते हैं। इससे पहले सेना की टुकड़ी पार्थिव शरीर शनिवार को दस बजे पैतृक गांव कुत्ताबढ़ तो परिवार ने अंतिम यात्रा रुकवा दी। शिकायत की कि तीन दिन से कोई भी प्रशासनिक अफसर उनका हाल-चाल लेने तक नहीं पहुंचा। एलनाबाद डीएसपी ने एसपी से कॉल पर बात करने को कहा तो ग्रामीणों ने इनकार कर दिया। यात्रा करीब तीस मिनट तक रूकी रही। ग्रामीणों के समझाने पर परिवार शांत हुआ। शहीद सुखचैन सिंह की अंतिम यात्रा के PHOTO परिवार ने मांगा एक करोड़ मुआवआ और सरकारी नौकरी परिवार ने एक करोड़ मुआवआ और सरकारी नौकरी की मांग की है। कहना था कि चुनाव में हर कोई आ जाता है। इस समय कोई नहीं आया। बाद में परिवार को कुछ नहीं मिलता और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर लिखित में शिकायत दे। जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा, अंतिम यात्रा आगे नहीं बढ़ने देंगे। इसके बाद ग्रामीणों ने परिवार को समझाकर अंतिम यात्रा शुरू कराई। कहा कि पूरा गांव परिवार के साथ है, जल्दी ही सीएम से मिलेंगे। करीब आधे घंटे तक अंतिम यात्रा रुकी रहीं। शहीद सुखचैन सिंह के बारे में जानिए… शहीद के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग देखें…
शहीद की पत्नी बोलीं-दर्शन किए, बॉक्स में क्या पता नहीं:बेटा बोला-सब मारते, पापा से शिकायत करूंगा; मुआवजे के लिए अंतिम यात्रा 30 मिनट रोकी