हरियाणा सरकार हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों पर कड़े एक्शन की तैयारी में हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसके चलते प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों और फायरकर्मियों के खिलाफ अल्टीमेटम जारी किया है। विभाग ने लेटर जारी कर निर्देश दिए हैं कि हड़ताली कर्मचारी दो दिन के अंदर (5 सितंबर) तक हर हाल में अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। तय समय तक काम पर न आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एस्मा लगाया जाएगा। लेटर के अनुसार, सफाई कार्य एक ‘आवश्यक सेवा’ है। जो ‘हरियाणा आवश्यक सेवा एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट 1974 (ESMA) के दायरे में आता है। पत्र में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का भी जिक्र है, जिसमें शहरों में सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है। उधर, 6 अगस्त से प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार के आगे 10 मांगें रखी हैं। जिसमें कर्मचारियों को पक्का करने के अलावा खाली पदों को जल्द भरने की भी बात है। पढ़िए लेटर में क्या कहा गया… 5 सितंबर तक ड्यूटी जॉइन करें, नहीं तो होगी कार्रवाई सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को 5 सितंबर तक काम पर लौटने की चेतावनी दी है। सरकार का कहना है कि 6 अगस्त से कर्मचारियों के बिना सूचना हड़ताल पर जाने से शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है। फ्लू और बुखार के मौसम में कचरा न उठने से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ हड़ताली कर्मचारी अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोकने और सफाई मशीनरी को नुकसान पहुंचाने में शामिल हैं। ऐसे मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक काम पर नहीं लौटने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की PHOTOS… फतेहाबाद में लोडर घेरा, राष्ट्रगान शुरू किया करनाल में कांग्रेस और किसान यूनियन ने दिया समर्थन सफाईकर्मी क्या मांग कर रहे… क्यों नहीं मान रहे सफाईकर्मी… अब जानिए क्या है एस्मा? आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) हड़ताल को रोकने के लिये लगाया जाता है। एस्मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्य दूसरे माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा अधिकतम 6 महीने के लिये लगाया जा सकता है। इसके लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकारें क्यों लगाती हैं एस्मा? सरकार एस्मा लगाने का फैसला इसलिए करती हैं क्योंकि हड़ताल की वजह से लोगों के लिए आवश्यक सेवाओं पर बुरा असर पड़ने की आशंका होती है। जबकि आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून यानी एस्मा वह कानून है, जो अनिवार्य सेवाओं को बनाए रखने के लिये लागू किया जाता है। जिस सेवा पर एस्मा लगाया जाता है, उससे संबंधित कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते। अन्यथा हड़तालियों को छह माह तक की कैद या ढाई सौ रुपए जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
हरियाणा में हड़ताली कर्मचारियों पर ESMA लगाने की तैयारी:ड्यूटी पर नहीं लौटने पर एक्शन होगा, 48 घंटे का अल्टीमेटम; कर्मचारियों ने 10 मांगें रखी