नेपाल त्रासदी में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मौत को मात देकर अपने घर लौट आए हैं। इनमें हिमाचल के मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के मलोह गांव के 50 वर्षीय ज्ञान सिंह भी शामिल हैं। ज्ञान सिंह पिछले करीब 30 सालों से पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। पिछले 8 महीनों से वह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के तौर पर तैनात थे। हादसे वाले दिन भी वह प्रोजेक्ट के पावर हाउस में काम कर रहे थे। ज्ञान सिंह ने बताया कि पानी का सैलाब आ गया। इसके बाद सभी लोग पहाड़ी की तरफ भागे। उन्हें नेपाली वायुसेना के अलावा बचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी। उन्होंने एक रात और दो दिन तक मौत का सामना किया। नेपाल की आर्मी ने हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू एक समय ऐसा भी आया जब बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बाद में नेपाल की आर्मी ने हेलीकॉप्टर से उन्हें रेस्क्यू किया और उनकी जान बच पाई। ज्ञान सिंह ने बताया कि जहां वह फंसे थे, वहां उनके साथ 100 लोगों का एक दल था। इनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी को बाहर निकाल लिया गया है। एक युवक अभी भी अंदर फंसा हुआ है। प्रोजेक्ट के 98 लोग अभी भी लापता ज्ञान सिंह के पूरे प्रोजेक्ट के 98 लोग अभी भी लापता हैं। इस प्रोजेक्ट में उनके साथ हिमाचल के चार और लोग भी थे। इनमें से तीन सुरक्षित लौट आए हैं, जबकि ऊना जिले का एक युवक अभी भी लापता है। सुरक्षित बचे अन्य दो हिमाचलियों में एक मंडी जिले के तल्याहड़ से हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। दूसरे शिमला जिले के रामपुर के रहने वाले हैं। हादसे के बाद नहीं हुआ परिवार से संपर्क ज्ञान सिंह की पत्नी कलावती ने बताया कि हादसे के बाद उनका पति से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। इससे उनके मन में कई तरह के ख्याल आ रहे थे। दूसरे दिन जब पति का फोन आया तो उन्होंने राहत की सांस ली।
हिमाचल के ज्ञान सिंह नेपाल त्रासदी से सुरक्षित लौटे:30 साल से पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन; 8 महीने से नेपाल में करते थे काम