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हिमाचल CM ने कर्ज की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया:निर्मला सीतारमण समेत 4 केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात; शानन प्रोजेक्ट प्रदेश को लौटाने की मांग

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर कई अहम मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर हिमाचल के लिए आर्थिक सहायता और कर्ज की सीमा जीडीपी की 5 फीसदी करने का आग्रह किया। इस दौरान प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए जारी करने का भी आग्रह किया गया। CM ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के समक्ष शानन जल विद्युत परियोजना, बैरा स्यूल प्रोजेक्ट, मुफ्त बिजली और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े लंबित मामलों को उठाया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से कहा कि अत्यधिक बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद प्रदेश की नदियों में भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की जल वहन क्षमता कम होने के साथ-साथ आबादी, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने वैज्ञानिक और समयबद्ध ड्रेजिंग के लिए स्पष्ट एवं सक्षम दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। वनीकरण की शर्त में छूट देने का आग्रह मुख्यमंत्री ने पर्यावरण मंत्रालय के परिवेश पोर्टल पर नदी ड्रेजिंग के लिए अलग श्रेणी बनाने का भी आग्रह किया, ताकि इसे सामान्य खनन गतिविधियों से अलग रखा जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद नदी चैनल से मलबा हटाने का उद्देश्य नदी की जल वहन क्षमता बहाल करना और आपदा जोखिम कम करना है। मुख्यमंत्री ने ड्रेजिंग परियोजनाओं को क्षतिपूरक वनीकरण की अनिवार्यता से छूट देने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हिमाचल में वैज्ञानिक ड्रेजिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी करने पर सकारात्मक आश्वासन दिया। एसजेवीएनएल में हिमाचल के 2 डायरेक्टर के नियुक्त करने की मांग केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल के बिजली क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दे उठाए। उन्होंने हिमाचल के मुफ्त बिजली हिस्से के बदले नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाण-पत्र देने का मामला प्रमुखता से रखा। साथ ही एसजेवीएन के निदेशक मंडल में हिमाचल की ओर से दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का आग्रह किया। शानन प्रोजेक्ट हिमाचल को देने का आग्रह मुख्यमंत्री ने शानन जल विद्युत परियोजना को हिमाचल को हस्तांतरित करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा वर्ष 2008 की जलविद्युत नीति से पहले शुरू हुई केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं में स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए एक प्रतिशत अतिरिक्त मुफ्त बिजली देने की राज्य की मांग दोहराई। सरकार के आकलन के अनुसार इससे हिमाचल को करीब 29.34 करोड़ रुपए का वार्षिक लाभ हो सकता है। बैरा प्रोजेक्ट हिमाचल को सौंपा जाए: सीएम बैठक में 180 मेगावाट की बैरा स्यूल जल विद्युत परियोजना को 40 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद हिमाचल को सौंपने की मांग भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने बीबीएमबी के पास प्रदेश में ऐसी अधिकृत लेकिन अनुपयोगी भूमि को हिमाचल सरकार के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करवाने का मामला भी उठाया, ताकि इसका उपयोग सरकारी कार्यालयों और परियोजना प्रभावित लोगों के पुनर्वास में किया जा सके। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। इस बीच मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन को फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) की ओर से नियामक उत्कृष्टता, उद्योग सुविधा और निर्यात संवर्धन के लिए अप्रिशिएशन अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर और मजबूत नियामक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

Editorial Attribution: Originally reported by हिमाचल | दैनिक भास्कर. Curated and contextualized by the Chandigarh Daily news desk.