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हिसार-फाइनेंसर ने 1 घंटे में 27 कॉल की:10 मिनट बाद शोरूम मालिक का सुसाइड; ₹25 लाख न देने पर बच्चे किडनैप की धमकी

हिसार के नामी खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मालिक हैपी चौपड़ा (38) ने वीरवार को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सुसाइड कर लिया। हैपी ने दाहिने हाथ से सिर में गोली मार ली। सुसाइड के पीछे का कारण 20 लाख रुपए थे जो हैप्पी ने करीब 10 साल पहले प्रताप नगर निवासी फाइनेंसर सुरेश से लिए थे। सुरेश बदले में हैप्पी से ढाई परसेंट ब्याज वसूल रहा था। हैप्पी ने 10 साल पहले 40 लाख रुपए का कर्ज लिया था जो बाद में 20 लाख रह गया था। हर महीने वह करीब 50 हजार रुपए ब्याज के देता था। फाइनेंसर सुरेंद्र और उसका भतीजा दो महीने से पूरा पैसा ब्याज सहित मांग रहे थे। जिसके लिए वो बार-बार कॉल करते थे। हैप्पी के छोटे भाई चरणजीत ने बताया कि एक सितंबर को पूरी पेमेंट देने को हैप्पी तैयार भी हो गया मगर फाइनेंसर बाद में 20 लाख रुपए की जगह 25 लाख रुपए मांगने लगे। फाइनेंसर पैसा नहीं देने पर स्कूल से हैप्पी के बच्चों तक को उठाने की धमकी देते थे। भाई चरणजीत की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत में फाइनेंसर सुरेंद्र और इसके भतीजे घोलू और सोनू का नाम दिया गया है। शोरूम मालिक को एक घंटे में 27 बार फोन किए दैनिक भास्कर के हाथ शोरूम संचालक हैप्पी चौपड़ा उर्फ प्रवीण के मोबाइल की डिटेल हाथ लगी है। इसमें फाइनेंसरों ने करीब 12 बजे से एक बजे तक करीब 27 बार कॉल किए हैं। सुसाइड से पहले करीब दोपहर 12:23 बजे हैप्पी की तीन मिनट 40 सेकंड तक फाइनेंसर से बात भी हुई। मगर इसके बाद भी फाइनेंसर लगातार फोन करते। इसके बाद 12.59 बजे फाइनेंसरों ने लास्ट कॉल की जिसे हैप्पी ने नहीं उठाया और 10 मिनट बाद तंग होकर खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। अब जानिए किस कारण बिजनेसमैन ने सुसाइड किया… खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम का था मालिक बिजनेस मैन हैप्पी 12 क्वार्टर रोड का रहने वाला था। उसका बारह क्वार्टर रोड पर ही खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम था। भाई चरणजीत चोपड़ा ने बताया की हैप्पी चोपड़ा ने करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम शुरू किया था। कर्ज चुकाने की तारीख निकली, दबाव बढ़ा शोरूम के ऊपर एक और मंजिल बनवाने के लिए उन्होंने फाइनेंसर सुरेश से करीब 10 साल पहले 40 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। करीब 20 लाख रुपए का कर्ज बाकि था। हर महीने करीब 50 हजार रुपए ब्याज हैप्पी देता था मगर अब फाइनेंसर पैसे को प्रॉपर्टी में लगाना चाहते थे और दवाब बना रहे थे। दो दिन से घर आ रहे थे फाइनेंसर परिजनों के मुताबिक, फाइनेंसर सुरेश ने अचानक 20 की जगह 25 लाख रुपए मांगने शुरू कर दिए। सुरेश के भतीजे गोलू और सोनू एक दिन पहले शाम को और वीरवार को सुबह भी हैप्पी के पास आए थे। भाई चरणजीत का कहना है कि करीब 20 लाख रुपए को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे हैप्पी मानसिक रूप से परेशान था। इस तरह शोरूम मालिक ने सुसाइड किया… दोपहर में भाई के साथ बेडरूम में बैठे थे हैप्पी के भाई ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे के आसपास वह अपने भाई के साथ ऊपर के फ्लोर पर बेडरूम में बैठे थे। इसी दौरान हैप्पी ने कहा कि घर की बेल बजी है और लगता है कि फाइनेंसर पैसे लेने आया है। वह गेट खोलने के लिए बाहर चला गया। गेट खोलने गया, अंदर से गोली चलने की आवाज आई चरणजीत के मुताबिक, उसके बाहर जाने के कुछ ही देर बाद अंदर से गोली चलने की आवाज आई। परिजन मौके पर पहुंचे तो हैप्पी जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। पीछे पत्नी और दो बेटे छोड़ गए मृतक हैप्पी चोपड़ा अब अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। बच्चों की उम्र लगभग 12 और 16 वर्ष है। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस बोली-भाई की शिकायत पर जांच जारी मामले में एचटीएम थाना प्रभारी विकास कुमार का कहना है घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और जांच शुरू कर दी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। आरोपी फाइनेंसर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।