गुरुग्राम में गैस सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनी ‘हरियाणा सिटी गैस’ के ग्राहकों का डेटा लीक होकर साइबर ठगों के पास पहुंच गया है। जालसाज इस डेटा का इस्तेमाल कर सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेज रहे हैं और बिल पेंडिंग या कनेक्शन इश्यू का बहाना बनाकर लाखों रुपए की ठगी कर रहे हैं। ताजा मामला द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित पॉश इंपीरियल गार्डन सोसाइटी में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी प्रमोद गुप्ता के साथ हुआ है। उन्होंने बताया कि उसका प्रीपेड कनेक्शन है, लेकिन उसके पास एक नंबर से कॉल आया, जब उन्होंने कॉल की तो दूसरी तरह से बताया गया कि आपके कनेक्शन में इश्यू है और आपको मामूली पेमेंट करनी पड़ेगी। जब उसने लिंक खोला, तो 13 रुपए पेंडिंग बताया गया। बिल पेमेंट करने की प्रक्रिया पूरी होते ही उसके अकाउंट से 75 हजार रुपए निकल गए। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर क्राइम हेल्प लाइन में की है। कनेक्शन कटने का डर दिखाकर बिछाया जा रहा जाल साइबर अपराधियों का ठगी करने का तरीका बेहद शातिर और संगठित है। ठग सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर HCG कंपनी के नाम से मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में लिखा होता है कि आपका पिछला गैस बिल पेंडिंग है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया, तो आज ही आपका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। मैसेज के नीचे एक मोबाइल नंबर दिया जाता है, जिस पर संपर्क करने को कहा जाता है। जैसे ही कोई घबराया हुआ उपभोक्ता उस नंबर पर कॉल करता है, जालसाज खुद को हरियाणा सिटी गैस कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताते हैं। डेटा लीक होने से बढ़ी मुश्किलें इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है। ठगों के पास उपभोक्ताओं के नाम, मोबाइल नंबर और उनके HCG गैस कनेक्शन की सटीक जानकारी होना इस बात का संकेत है कि हरियाणा सिटी गैस कंपनी का कस्टमर डेटाबेस लीक हो चुका है। अपराधी इसी लीक डेटा का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं, क्योंकि लोगों को लगता है कि कंपनी के अलावा यह जानकारी किसी और के पास नहीं हो सकती। उपभोक्ताओं को किया जा रहा जागरूक हरियाणा सिटी गैस ने उपभोक्ताओं को इस तरह के फर्जीवाड़े के बारे में आगाह करते हुए मैसेज भेजें हैं। कंपनी के कस्टमर केयर पर बड़ी संख्या में इस तरह की जालसाजी संबंधित कॉल और जानकारी पहुंच रही है। गैस बिल का भुगतान हमेशा केवल कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या रजिस्टर्ड मोबाइल ऐप के जरिए ही करें। पुलिस की आमजन को सलाह पुलिस की तरफ से कहा गया है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कनेक्शन कटने के मैसेज को सच न मानें। साथ ही एसएमएस या वॉट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक पर जाकर अपने कार्ड की डिटेल, सीवीवी या नेट बैंकिंग का पासवर्ड दर्ज न करें। अगर आप भी ऐसे किसी फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
गुरुग्राम में गैस उपभोक्ताओं का डेटा लीक:ग्राहक के खाते से निकाले ₹75 हजार; बिल पेंडिंग का फर्जी मैसेज भेजा