चुनाव से 5 महीने पहले कलह के बीच पार्टी के नए प्रभारी राजस्थान के पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट पंजाब पहुंचेंगे। वह चंडीगढ़ में कांग्रेस की रैली में शामिल होंगे। इस रैली में संगरूर में मंत्री हरपाल चीमा से सवाल पूछने के बाद दबाव में सुसाइड करने वाले गुलजार सिंह के लिए इंसाफ मांगा जाएगा। कांग्रेस आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से मंत्री चीमा के खिलाफ FIR दर्ज करने और मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग करेगी। इसी बीच 3 महीने बाद यह पहला मौका होगा, जब पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी और प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही स्टेज पर होंगे। खास बात ये है कि राजा वड़िंग की प्रधान पद से छुट्टी होने की संभावना अभी भी बनी हुई है। सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू में वड़िंग को बदलने की संभावना के सवाल पर स्पष्ट तौर पर हां या ना नहीं कहा। ऐसे में संभावना है कि चंडीगढ़ पहुंचने के बाद पायलट ग्राउंड लेवल पर कोई वर्किंग करना चाहते हैं, उसके बाद ही कोई फैसला हो सकता है। प्रदर्शन को लेकर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। सुबह 11:30 बजे से सेक्टर 15/16 लाइट पॉइंट से जीएमएसएच सेक्टर 16 चौक तक और मध्य मार्ग पर जीएमएसएच सेक्टर 16 चौक से पीजीआई चौक तक ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। सचिन बोले- सभी नेता इस प्रदर्शन में शामिल होंगे
सचिन पायलट ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट डालकर लिखा है कि पंजाब में नशा लगातार बढ़ रहा है और इसका असर आज हर घर तक पहुंच गया है। जब कोई सरकार से नशे को लेकर सवाल पूछता है तो उसकी बात सुनने के बजाय उसे दबाया और परेशान किया जाता है। उन्होंने आग लिखा स्वर्गीय गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने और पंजाब में बढ़ते नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बड़ा रोष मार्च किया जा रहा है। मैं और कांग्रेस के सभी नेता इस मार्च में शामिल होंगे और मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर कूच करेंगे। हमारी मांग बिल्कुल स्पष्ट है। हरपाल चीमा को मंत्री पद से हटाया जाए, उनसे इस्तीफा लिया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। यह लड़ाई सिर्फ गुलजार सिंह के परिवार की नहीं है, बल्कि हर उस पंजाबी की है जो नशे के कारण अपने बच्चों और परिवार का भविष्य खराब होता देख रहा है। पंजाब आने से पहले सचिन पायलट ने सोमवार को दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेका। पायलट ने बदलाव की संभावना खुली रखी
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल को हटाकर कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी लगाया है। पंजाब दौरा शुरू करने से पहले ही पायलट ने कांग्रेस में आगे भी संगठनात्मक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया। पायलट ने कहा कि फिलहाल पार्टी का ध्यान आम आदमी पार्टी सरकार का मुकाबला करने पर होना चाहिए। पायलट ने संगठन में जिम्मेदारियों के बदलाव को सामान्य प्रक्रिया बताया। इससे वड़िंग को लेकर अटकलें जरूर तेज हुई हैं। जून में आखिरी बार एक स्टेज पर दिखे थे चन्नी और वड़िंग
पूर्व सीएम चन्नी और प्रधान राजा वड़िंग जून महीने में आखिरी बार एक स्टेज पर इकट्ठा दिखे थे। तब 24 जून को उन्होंने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। हालांकि उसके बाद जब 1 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव को लेकर कमेटियों की घोषणा की तो उनका विवाद खुलकर सामने आया था। चन्नी को उम्मीद थी कि कांग्रेस ग्राउंड सर्वे में उनकी पॉपुलैरिटी के हिसाब से उन्हें प्रधान बनाएगी लेकिन हाईकमान ने वड़िंग को ही बरकार रख दिया। इस वजह से कैंपेन कमेटी का चेयरमैन होने के बावजूद चन्नी ने न खुशी जताई और न ही कोई कामकाज किया। इसके बाद चन्नी ने CM चेहरा बनाए जाने का प्रेशर डाला लेकिन हाईकमान ने साफ इनकार कर दिया कि पार्टी चुनाव से पहले सीएम चेहरा घोषित नहीं करेगी।
सचिन पायलट आज पहली बार पंजाब आएंगे:चंडीगढ़ में रैली, ट्रैफिक डायवर्ट; 3 महीने बाद चन्नी-वड़िंग एक स्टेज पर; प्रधान बदलने की संभावना बरकरार