मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा में रहने वाली अमनप्रीत कौर को अपने ही गांव के मजहबी सिख सतनाम सिंह से प्यार हुआ। ढाई साल दोनों का लव चला और आखिरकार दोनों ने परिवार की सहमति के बगैर हाईकोर्ट में जाकर शादी की। हाईकोर्ट में दोनों ने अपनी जान को खतरा बताया तो कोर्ट ने सुरक्षा दे दी। अमनप्रीत कौर के मुताबिक परिजनों को यह बात लगातार खटकती रही और वो उसे खत्म करने की साजिश रचते रहे। इसी बीच अमनप्रीत कौर प्रेग्नेंट हो गई। प्रेग्नेंट होने पर वो और उसका ससुराल परिवार खुश था। अमनप्रीत के मुताबिक उसके मायके वालों को पता चला तो उन्होंने ससुराल आकर उन पर हमला कर दिया। उसे उठाकर ले गए और राजस्थान नहर में फेंक दिया। गनीमत रही कि वह झाड़ियां पकड़कर पानी से बाहर आ गई। नजदीकी गांव के सरपंच व पुलिस ने उसे लंबी अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका इलाज चल रहा है। मायके वालों ने उसके पति, सास व देवर पर भी तेजधार हथियारों से हमला किया। अब वो प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रही है। वहीं पुलिस ने उसके पिता, भाई समेत कुल छह लोगों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दिया है। उसके भाई को गिरफ्तार भी कर लिया है। अब विस्तार से पूरी कहानी पढ़िए… पहले पढ़िए अफेयर कैसे शुरू हुआ… अब पढ़िए हमला करने की कहानी… हर मिनट पेट छूकर देखती बच्चा जिंदा है न
अमनप्रीत कौर का शरीर खौफ और शारीरिक चोटों से सूखकर कांटा हो चुका है। अस्पताल के बेड पर पड़ी अमनप्रीत हर कुछ मिनट में अपना पेट छूकर यह जांचती है कि उसकी कोख में पल रहा 5 महीने का बच्चा सुरक्षित है या नहीं। उसकी आंखों में अपने ही परिवार के वहशीपन का खौफ साफ झलकता है। पास ही उसके 30 वर्षीय पति सतनाम सिंह बैठे हैं, जिनके सिर पर मोटी पट्टी बंधी है और शरीर पर तेजधार हथियारों के गहरे घाव हैं।
पंजाब- लव मैरिज पर प्रेग्नेंट बेटी को नहर में फेंका:30 मिनट तड़पती रही; गांव के लड़के से प्यार हुआ, भागकर शादी की