विक्की कुमार | अमृतसर सरकारी दफ्तरों में आम जनता की फाइलों की लेटलतीफी और दफ्तरों के चक्कर काटने के झंझट से अब जल्द मुक्ति मिलने जा रही है। बढ़ते पेंडेंसी के मामलों और सुस्त सिस्टम पर नकेल कसने के लिए पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘ई-सेवा कनेक्ट पंजाब’ पोर्टल में व्यापक सुधार कर कर्मचारियों की सीधी जवाबदेही तय कर दी है। अब निर्धारित समय-सीमा से अधिक देरी होने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत आवेदक अब अपने घर बैठे आवेदन की फाइल का सटीक स्टेटस और उसकी ” टेबल लोकेशन’ ट्रैक कर सकेंगे, जिससे साफ पता चलेगा कि फाइल किस अधिकारी की टेबल पर अटकी है। बता दें कि पेंडेंसी के मामले में अमृतसर जिला काफी पिछड़ा हुआ था। हाल ही में डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह द्वारा मांगी गई पेंडेंसी रिपोर्ट में स्थिति काफी चिंताजनक पाई गई थी। यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद सरकार ने पोर्टल में तकनीकी बदलाव कर जवाबदेही तय करने का फैसला लिया। एससी/एसटी और ओबीसी प्रमाण पत्र: 17 दिन जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज कराना: 4 दिन जन्म प्रमाण पत्र में सुधार: 15 दिन जन्म प्रमाण पत्र की पहली कॉपी: 7 दिन (पोर्टल पर उपलब्ध अन्य सेवाओं के लिए भी अधिकतम समय सीमा 17 दिन ही रखी गई है।) सरकारी दफ्तरों में अकसर यह देखा जाता है कि एक छोटे से प्रमाण पत्र के लिए लोगों को हफ्तों और महीनों तक धक्के खाने पड़ते हैं। अधिकारी और कर्मचारी टालमटोल की नीति अपनाते हुए आम जनता को मानसिक तौर पर परेशान करते हैं। इसी जमीनी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने यह डिजिटल स्ट्राइक की है। तकनीकी अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार और परेशानी के तुरंत मिल सके। मॉनिटरिंग का यह स्तर इतना सख्त कर दिया गया है कि कोई भी कर्मचारी अब बिना किसी ठोस कारण के फाइल को रोककर नहीं रख सकेगा। अकसर समय पर जाति व जन्म प्रमाण पत्र न मिलने से युवाओं के दाखिले और रोजगार के अवसर छूट जाते हैं। अब हर सेवा का समय तय होने और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सख्त होने से सरकारी बाबूओं को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी ही होगी।
‘ई-सेवा कनेक्ट पंजाब’ पोर्टल में सुधार, तय समय में काम न करने वाले कर्मियों पर होगी कार्रवाई
📰 Editorial Attribution: Originally reported by पंजाब | दैनिक भास्कर ↗. Curated and contextualized by the Chandigarh Daily news desk.